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अखिल भारतीय कुलश्रेष्ठ महासभा की कार्यकारिणी की अगली बैठक फरीदाबाद मे
16-Nov-2017,13:01:08,kulshreshthaworld.com
अखिल भारतीय कुलश्रेष्ठ महासभा की कार्यकारिणी की अगली बैठक कुलश्रेष्ठ सभा, फरीदाबाद के सौजन्य से दि. 19/11/2017 को फरीदाबाद मे होना निश्चय हुआ है।अ.भा.कु.म.स. के सभी कार्यकारिणी सदस्यों से अनुरोध है कि कार्यक्रम में शामिल हो कर समारोह की शोभा बढ़ायें । कार्यक्रम स्थल : स्नेह मिलन स्थल, नगर निगम सभागार (निकट दशहरा ग्राउंड ) एन आई टी फरीदाबाद दिनांक : 19 नवम्बर 2017 समय : दोपहर 03 : 00 बजे से ।


मकर संक्राति के महापर्व के शुभ अवसर पर कायस्थ समाज का संगत-पंगत कार्यक्रम
13-Nov-2017,14:11:08,kulshreshthaworld.com
हिंदू नववर्ष के उदयकाल मकरसंक्राति महापर्व के शुभ अवसर पर दिनांक 14 एवं 15 जनवरी 2018 को कायस्थों का महाकुंभ एक बार फिर से तीर्थो की नगरी उज्जैन में पतित पावनी मां क्षिप्रा में प्रात-काल स्नान, तिलदान के साथ कायस्थ समाज के दानवीर, कर्मवीर माननीय सांसद आर.के.सिंहा सा. के मुख्य आतिथ्य में ‘संगत पंगत’ के साथ कुलदेव भगवान श्री चिञगुप्तजी तपस्यास्थली उज्जैन में स्थित प्राचीनतम मंदिर श्री चिञगुप्त धाम (धर्मराजज मंदिर) अंकपात, उज्जैन में प्रांरभ होगा, जिसकी घोषणा विगत दिनांक 30 अक्टूबर 2017 को देहरादून में सम्पन्न हुये ‘ संगत&पंगत’ कार्यक्रम में मा. सांसद आर.के.सिंहा सा. द्वारा की जा चुकी है । इसके आदरणीय कृष्णमंगलसिंह कुलश्रेष्ठजी. चंद्रमोहन श्रीवास्तवजी एवं राजेश निगमजी निरंतर प्रयासरत थे। आर.के.सिंहा सा. ने उज्जैन समाज बंधुओं के विशेष आग्रह को स्वीकार कर देहरादून में देश विदेश से पधारे समाज बंधुओं को उज्जैन कार्यक्रम मे पंहुचने की घोषणा की गई है । देहरादून में घोषित प्रायोजित कार्यक्रम को भव्य एवं सफल बनाने के लिये कार्यक्रम की रुपरेखा तैयार करने के लिये कल दिनांक 12 नवम्बर 2017 (रविवार)को शाम बजे भारतीय ग्यानपीठ, उज्जैन में मंदिर के संरक्षक श्री कृष्णमंगलसिंह कुलश्रेष्ठजी के मुख्यआतिथ्य में बैठक संपन्न हुई, जिसमें कार्यक्रम को सफल बनाने के लिये विभिन्न बिंदूओं पर सविस्तार से चर्चा कर विभिन्न समितियों का गठन किया गया । उपस्थित समाज बंधुओं द्वारा उत्तम सुझाव भी दिये गये, जिन पर सहमति से विचार कर बैठक में उपस्थित समाज बंधुओं द्वारा स्वेच्छा से कार्य की जिम्मेदारियां लेकर उज्जैन में ‘संगत&पंगत’ कार्यक्रम को सफल बनाने में एकजूट होकर तन-मन-धन से सहयोग करने का उत्साह जताया । इस संगत&पंगत कार्यक्रम के साथ मां यमुना की मूर्ति का भी प्राण&प्रतिष्ठा भी मुख्य अतिथि मा- आर.के.सिंहा सा. के कर कमलों द्वारा की जायेगी। आयोजित बैठक में श्री कृष्णमंगलसिंह कुलश्रेष्ठजी, चंद्रमोहन श्रीवास्तवजी (इंदौर-उज्जैन) निरंजनप्रसाद श्रीवास्तवजी, अमित श्रीवास्तवजी (लाला) राजेश निगमजी (इंदौर) नरेन्द्र श्रीवास्तवजी (इंदौर) सतीश श्रीवास्तवजी (इंदौर-उज्जैन) भारत सक्सेनाजी नरेश श्रीवास्तवजी सुधीर श्रीवास्तवजी ऩिखिलेश खरे, डॉ. सुनीता श्रीवास्तवजी, जगदीश श्रीवास्तवजी, युधिष्ठीर कुलश्रेष्ठजी आदि उपस्थित थे। आगामी बैठक बुधवार को शाम 5 बजे भारतीय ग्यानपीठ, उज्जैन में रखी गई है । जय चिञगुप्त ।


अखिल भारतीय कुलश्रेष्ठ निर्देशिका हेतु अपना विवरण ई मेल अथवा मोबाइल पर भेजे
06-Nov-2017,15:32:45,kulshreshthaworld.com
प्रियजन, आप सभी कुलश्रेष्ठ बंधुओ से निवेदन है कि अखिल भारतीय कुलश्रेष्ठ निर्देशिका हेतु अपना सम्पर्क विवरण (मोबाइल, मेल सहित) नीचे दिए गए ई-मेल अथवा मोबाइल पर भेजे। इसे अ भा कु संध की तरफ से अधिकारिक प्रकाशित किया जाएगा। Email id : dipanshukul@gmail.com Vivekkuls1@gmail.com Mob. No.: 9810598095, 9871599741 Website: www.abksangh.org Fb- https://www.facebook.com/akhilbhartiyakulshrestha.sangh… For example 1) Name 2) Fathers Name 3) Address 4) Mobile no 5) Email Id 6) Occupation 7) Spouse Name



23-Oct-2017,08:05:39,


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23-Oct-2017,08:05:38,gFAswriQeASFU
qhekxy http://www.FyLitCl7Pf7ojQdDUOLQOuaxTXbj5iNG.com


अखिल भारतीय कुलश्रेष्ठ महासभा की कार्यकारिणी की बैठक जयपुर में सम्पन्न
04-Sep-2017,17:52:49,kulshreshthaworld.com
अखिल भारतीय कुलश्रेष्ठ महासभा की कार्यकारिणी की बैठक रविवार को जयपुर के मालवीय नगर स्थित होटल ग्रांड हर्षल में सम्पन्न हुई। बैठक में देश भर में कार्यरत सभाओं के अध्यक्ष सचिव एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्षगण ने पिछले छह महीने की प्रगति से अवगत करवाया। इस अवसर पर महासभा की पत्रिका संगम का विमोचन किया गया। प्रदेश में संस्कृति का विकास कैसे हो, एंवायरनमेंट को सुरक्षित कैसे रखा जाए व महिलाओं को प्रग्रति के अवसर कैसे मिलें। कुछ ऐसे ही विषयों पर एक्सपर्ट ने अपने विचार प्रस्तुत किए। महिला एवं युवा शाखा ने अधिकाधिक संस्था में नए सदस्यों को जोड़कर सामाजिक एवं सांस्कृतिक विकास के क्षेत्र में अपनी सक्रिय भागीदारी पर विशेष जोर दिया। राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदीश बेदील और महासचिव अवधेश कुलश्रेष्ठ ने देश भर से आए प्रतिनिधियों पदाधिकारियों से अपनी इकाइयों को महिला उत्थान , पर्यावरण , चिकित्सा एवं स्वरोजगार की दिशा में सक्रीय करने की अपील की। राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदीश बेदिल ने इस बात पर बल दिया कि सभी संस्थाए सक्रिय होकर पर्यावरण चिकित्सा स्वरोजगार एवं महिला उत्थान की दिशा में विशेष प्रयास करें ताकि समाज की प्रत्येक इकाई लाभान्वित हो। विभिन्न संस्थाओं ने इस दिशा में विधवा पेंशन वृक्षारोपण रक्तदान शिविर आर्थिक सहायता आदि में किए गए कार्यो से राष्ट्रीय अध्यक्ष को अवगत करवाया। राजस्थान कुलश्रेष्ठ सभा के अध्यक्ष राकेश कुलश्रेष्ठ ने कहा कि समाज उत्थान के लिए सभी 56 इकाइयों को एकजुटता से काम करना चाहिए।


अखिल भारतीय कुलश्रेष्ठ महासभा की कार्यकारिणी की अगली बैठक जयपुर मे
25-Aug-2017,15:50:01,kulshreshthaworld.com
अखिल भारतीय कुलश्रेष्ठ महासभा की कार्यकारिणी की अगली बैठक राजस्थान कुलश्रेष्ठ सभा के सौजन्य से दि. 03/09/2017 को जयपुर मे होना निश्चय हुआ है ।आप सभी से अनुरोध है कि कार्यक्रम मे शामिल हो कर समारोह की शोभा बढ़ायें । कार्यक्रम स्थल : HotelGrand Harshal 6 C , मालवीय इंडस्ट्रियल एरिया , (Near Apex Circle ) मालवीय नगर, जयपुर - 302017 फोन : 0141- 2751658 दिनांक : 03 सितम्बर 2017 समय : प्रातः 11 : 00 बजे


श्री कुलश्रेष्ठ समाज विकास समिति कोटा के तत्वादान में पिकनिक का आयोजन
25-Aug-2017,15:47:09,kulshreshthaworld.com
श्री कुलश्रेष्ठ समाज विकास समिति, कोटा के तत्वादान में हर वर्ष की भातिं इस वर्ष भी दिनांक 20 अगस्त 2017 को पिकनिक का आयोजन किया गया । सभी समाज के सभी सम्मानीय सदस्य़ो ने अधिक से अधिक संख्या में सम्मिलित हो कर इस आयोजन को सफल बनाया एवं सपरिवार आनंद प्राप्त किया । पिकनिक में दाल-बाफले का भोजन रखा गया । पिकनिक बस द्वारा भड़किया माता जी, बिजोलिया जिला भीलवाड़ा ले जाई गयी ।


अखिल भारतीय कुलश्रेष्ठ महासभा युवा शाखा के आवाह्न पर वृक्षा रोपण कार्यक्रम
22-Aug-2017,16:29:50,kulshreshthaworld.com
अखिल भारतीय कुलश्रेष्ठ महासभा युवा शाखा के आवाह्न पर श्री कुलश्रेष्ठ सभा युवा शाखा आगरा द्वारा आयोजित वृक्षा रोपण कार्यक्रम महाजन फार्म हाउस, नगला तल्फी, पोइया घाट पर 51 पौधे लगाए गए। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से अखिल भारतीय कुलश्रेष्ठ महासभा, युवा शाखा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मनोज कुलश्रेष्ठ राका जी, आगरा युवा अध्यक्ष मनोज कुलश्रेष्ठ राजू, कुलश्रेष्ठ सभा अध्यक्ष श्री अशोक प्रकाश जी, महासचिव श्री कुलदीप कुलश्रेष्ठ जी, युवा शाखा सचिव आलोक जी, कोषाध्यक्ष संजीव जी, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष अंजुल जी, राष्ट्रीय प्रवक्ता विकास जी,आगरा सभा उपाध्यक्ष मुकेश जी, शुभम, पंकज,मयंक, आदि ने भाग लिया।


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22-Aug-2017,02:21:40,kulshreshthaworld.com
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कु.अनिशा कुलश्रेष्ठ ने State Level में तृतीय स्थान प्राप्त किया
21-Aug-2017,12:33:26,kulshreshthaworld.com
" Uttar Pradesh and Uttrakhand REGIONAL Declamation " (State Level) में कु.अनिशा कुलश्रेष्ठ पुत्री श्री आलोक कुलश्रेष्ठ पौत्री स्व. वीरेन्द्र कुलश्रेष्ठ (सोल्जर साहब) आगरा ने कल दि. 19/08/2017 को तृतीय स्थान प्राप्त किया। kulshreshthaworld.com परिवार की ओर से हार्दिक शुभ कामनाये ।


श्री कुलश्रेष्ठ सभा" ग्वालियर द्वारा पिकनिक का आयोजन
19-Aug-2017,16:27:05,kulshreshthaworld.com
"श्री कुलश्रेष्ठ सभा" ग्वालियर द्वारा पिकनिक का आयोजन कल दिनांक 20 अगस्त 2017को विवेकानंद नीडम ग्वालियर पर रखा गया है, सभी से अनुरोध है कि सपरिवार आने का कष्ट करे जिन लोगो को कूपन प्राप्त नहीं हो सके है बह आयोजन स्थल पर भी कूपन प्राप्त कर सकते है !


* डी आई जी जेल श्री शरद कुलश्रेष्ठ को राष्ट्रपति पदक **
16-Aug-2017,16:14:26,kulshreshthaworld.com
भारत के राष्ट्रपति श्री प्रणव मुखर्जी ने डी आई जी जेल आगरा परिक्षेत्र श्री शरद कुलश्रेष्ठ को 68 वें गणतंत्र दिवस पर उत्कर्ष्ठ सेवा पदक से सम्मानित करने की घोषणा की है । पूरे देश से उत्कर्ष्ठ सेवा पदक के लिये डी आई जी समेत दो अधिकारियों को चुना गया है । श्री शरद कुलश्रेष्ठ जी आगरा परिक्षेत्र मे 22 दिसम्बर 2015 से कार्यरत हैं । kulshreshtha world.com की ओर से शरद जी को हार्दिक बधाई ।


कुलश्रेष्ठों के इतिहास की कहानी
02-Aug-2017,16:43:03,kulshreshthaworld.com
भारतवर्ष का इतिहास बहुत पुराना है, लेकिन वह श्रुति व स्मृति पर आधारित है। यहाँ पर समय व वर्षकाल का समय नही रखा गया, इस वजह से पष्चिमी इतिहासकार उसकी सच्चाई पर आगुंल निर्देष करते है। वैसे भी षासकीय संरक्षित पुस्तक सग्रंहालयो को विदेषी हमलावर व आक्रांताओ ने भोजपत्र लिखित पुस्तको को भी नष्ट कर दिया था। इतिहास विजयी व जीते हुए वीरो का लिखा जाता है। क्या आपको पता है द्वापर मे एक कायस्थ षक्तिषाली सम्राट हुआ ,जिसने भारत के बडे भू’-भाग पर अपना राज्य स्थापित किया था। वह महाबलिष्ठ गदाधारी पहलवान था ,जिसका नाम था महाराजाधिराज जराधंस ,जिसकी राजधानी मगध थी। जिसने कई दषको तक एकक्षेत्र राज्य किया था। कंस उसका दामाद था। षिषुपाल ,विदर्भ नरेष भीष्मसा जाधवराव इत्यादि उसके अर्न्तगत राज्यो का प्रतिनिधि रहकर राज उपभोग कर रहे थे ,लेकिन कृष्ण की कुटिल कुटनीती से उसे हराकर हत्या करवा दी गई थी, इस वजह से वह खलनायक के नाम से वर्णित हुआ। कहने का मतलब हैकि इतिहास विजेताओ का होता है। लेकिन कुलश्रेष्ठ तो लडाका या विजेताभी तो नही हुए इससे इनका इतिहास नही मिलता। किदवन्ती श्रुती व स्मृतियो पर आधारित इतिहास की कडियो को जोडने का प्रयास किया जा रहा है - 1 मरीची 2 ़आत्रि 3 ़ अंगरा 4 ़पुतस्तय 5 ़ प्रलद 6 ़ ऋतु 7 ़भृगु 8 ़ वषिष्ठ 9 ़ दक्ष 10़ कर्दम 11 ़ नारद 12 ़सारद 13 ़सनन्दन 14 ़सनातन 15 ़ संत कुमार 16 ़स्वयंभू 17 ़चित्तगुप्त अथवा चित्रगुप्त भगवान श्री चित्तगुप्त जी का पाणिग्रहण सस्ंकार दो कन्याओ के साथ हुआ था- 1़ ब्रह्रा जी के पुत्र मारीची -कश्यप - विश्ववान - सुशर्मा की पुत्री इरावती । 2 ़ब्रह्रा जी के पुत्र मारीची - कश्यप - विश्ववान - श्राद्धदेव मनु की पुत्री नन्दिनी। माँ इरावती के पुत्र- 1 ़ चारू 2 ़सुचारू 3 ़ चित्रारव्य 4 ़मतिमान 5 ़ हिममान 6 ़चित्रचारू 7़ अरूणचारू 8 ़अतिन्द्रेय माँ नन्दिनी के पुत्र- 1 ़भानु 2 ़वीर्यभानु 3 ़ विभानु 4 ़विश्वभानु बारह पुत्रो का विवाह नागवंशी कन्याओ के साथ अवन्तिका नगरी मे सम्पन्न हुआ, लेकिन वीर्यभानु का विवाह दो कन्याओ के साथ हुआ जो बाद मे श्रीवास्तव व खरे कहलाए। अतिन्द्रेय या जितेन्द्रेय का विवाह मंजूभाषिनी के साथ हुआ। बाद मे जिनकी संताने कुलश्रेष्ठ कहलाई। वह व उनकी सन्ताने नवदीव (नदिया) बंगाल मे शिव मंदिरो मे पुजारियो का कर्म करते थे । तदन्तर मे उनकी सन्तान विलक्षण प्रतिभा व राज कौशल से महापद्य राजा नन्द के मंत्री बने व कुछ दिनो तक महामंत्री भी रहे । उनका नाम राम जी शर्मा था। राजा महानन्द एक एैयाशी व मद्यपान मे सारा समय गुजारता था। ईर्ष्या की वजह से कुछ चापलूसो ,मंत्रियो ने महानंद के पास श्रीरम जी की चुगली करदी जिससे महानंद ने श्रीराम जी के सम्पुर्ण परिवार का संहार द्वारा वध करवा दिया। लेकिन उस काल के हिन्दू निसमानुसार गर्भवती महिला का वध वर्जित था,इस वजह से महामंत्री की एक गर्भवती पुत्रवधु को कुछ समय के लिए जीवनदान मिल गया। राज कवि शंकर जी भट्ट महामंत्री के स्नेही पडोसी थे, वह सच्चाई से परिचित थे ।उसी रात को उसके साथ गर्भवती पुत्रवधु ने नदियो के रास्ते कानगौरा राज्य मे शरण लेली। उस गर्भवती पुत्रवधु को जुडवा पुत्रो का जन्म हुआ,पहले का नाम परिक्षित व दुसरे का नाम जयदेव था। श्री शंकर जी भट्ट की देखरेख मे पालन पोषण हुआ। मेधावी छात्रो ने शास्त्रो व संस्कृत भाषा का अध्ययन किया व बडे होकर राजदरबार मे सेवा करने लगे । यह लोग कायस्थो का पेशा करने लगे लेकिन श्री शंकर भट्ट जी की देखरेख मे जीवनयापन की वजह से वह पुर्ण शाकाहारी थे। प्याज व लहसून तथा मद्यपान वर्जित था। कन्नौज के राज दरबार मे माथुर व सक्सेना कायस्थो का वर्चस्व था।उनके अर्न्तगत राजदरबार मे सेवा शुरू की। इस तरह से राजाश्रय मिला। फले फुले व धीरे-धीरे काफी बडा समुह बन गया। कान्यकुब्ज कुल के कन्नौज राजा यशोवर्धन को कायस्थवंशीय महाराजाधिराज ललितादित्य मुक्तपीडा ने हराकर अपना राज्य स्थापित किया। अब कन्नौज कश्मीर के कायस्थ राजा महाराजाधिराज ललितादित्य मुक्तपीडा का राज्य हो गया था। इस समुह ने राजा के लिए जनता से महसूलकर या कृषिकर वसूल करवाकर राजा से वाहवाही तो लूट ली तथा कायस्थ समूह के न होते हुए भी बहुत ही अच्छी तरह से कायस्थ पेशा को पुर्ण रूप से निर्वाह किया ।इससे खुश होकर इस समूह को कायस्थो मे शामिल करने के लिए विराट कायस्थ सभा समूह से अनुशंसा की व उसी काल मे आठवी शताब्दी मे पंजाब के राजा विलान तौमर या अनंगपाल तौमर द्वारा पुन; हिन्दू राज्य की स्थापना के बाद पंजाब राज्य मे विराट कायस्थ सम्मेलन का आयोजन हुआ था। जिसमे कश्मीर के कायस्थ राजा महाराज ललितादित्य मुंक्तपिडा ने भी भाग लिया। उस सभा मे इस समुह को अतिन्द्रेय की सन्तान माना गया व समुह के पुजा पाठ व शाकाहारी आहार की वजह से कुलश्रेष्ठ की पदवी दी गई ।कई राज्यकर्ता आये व चले गये लेकिन ये समुह उसी सुजलाम व सुफलाम दोआव जगह पर बना रहा। यह समुह पेशा की जगह से कायस्थो मे तो सम्मिलित हुए लेकिन रोटी व बेटी का चलन नही था। कायस्थो मे कुलश्रेष्ठ की पदवी मिलने से यह समूह अहंकारी हो गया। आपस मे लडाई -झगडे बड गये। समाज मे धीरे -धीरे दूसरे कारणो की वजह से अराजकता फैलती रही व मुसलमान आक्रमणकारी लुटपाट कर ले जाते। जब भारतवर्ष मे अजमेर के राजा पृथ्वीराज चौहान का वर्चस्व था मोहम्द गौरी ने हमला किया। गौरी हार गया तथा हारने के बाद भी पृथ्वीराज चौहान ने उसे क्षमादान दे दिया। वह वापिस चला गया। कुछ कालान्तर मे राजा जयचन्द ने पृथ्वीराज चौहान से संयोगिता स्वयंवर के अपमान का बदला लेने के लिए जयचंद के निमंत्रण पर गौरी ने दुसरी बार हमला कर दिया जिसमे पृथ्वीराज चौहान की हार हुई। बन्दी बना लिया गया, तत्पश्चात गौरी लुटपाट के लिए जयचन्द के राज्य पर भी हमला कर दियातथा उसका वध कर दिया गया,सभी जगहो पर अराजकता फैल गई, आए दिन लुटपाट की वजह से इस असुरक्षित क्षेत्र मे इस समूह के कुछ लोगो ने सुरक्षित ठिकानो पर शरण ली।यह काल 11 वी सदी से 12 वी सदी मे आता है।इस काल मे समुह के बहुत लोग सपरिवार कन्नौज राज्य छोडकर धौलपुर क्षेत्र मे स्थापित हो गए।अराजकता व राजाश्रय न मिलने की वजह से इन समुह ने खेती बाडी का व्यवसाय किया।बचे हुए लोगो को कभी राजाश्रय मिला कथी नही मिला। पढाई - लिखाई कम हो गई थी, जो पढ नही पाते थे वह खेती व्यवसाय व जो पढे -लिखे थे वह नौकरी करने लगे।उस सामाजिक अस्थिरता व हलचल के बाद मुसलमान नवाब या प्रतिनिधियो द्वारा कायस्थो को राजाश्रय मिलना शुरू हो गया था। कन्नौज के नवाब को लगान वसुली करने मे काफी कठिनाई आ रही थी।जनता लगान देना नही चाहती थी।तभी नवाब को इस समुह का पता चला,उसमे कुछ लोग उस समय फारसी सीख गए थे।नवाब व जनता से अच्छा संवाद साध सकने की वजह से खुश होकर लगान वसुली के लिए 14 महसुल क्षेत्र की जागीर या सुबेदारी या जमीदारीयां इस समुह के 14 नेताओ को दे दी गई।उनके अगुआओ के साथ वहां ज्यादातर लोग वास करने लगे। लगान वसुली का रोजगार मिला जिससे उनके भी जीवनयापन मे स्थिरता आ गई।तदनन्तर वह मरैजे या गाँव खेडे कहलाए। उनके अगुआ व वह खेडे गाँव निम्न प्रकार है- 1 ़परिक्षित-रजौरा 2 ़जयदेव- खतौली 3 ़अंवादास- उरमुरा 4 ़वासदेव -जार 5 ़सुधार सिंह -भांती 6़ केलनसिंह -उमरी 7 ़पाण्डे- वासदेवमई 8 ़परशादी - लखरउ 9 ़ लक्ष्मण प्रसाद -देवा 10़ मकरंद- नौठा 11 ़ महाराजसिंह -गहराना 12 ़बद्रीप्रसाद-महरारा 13 ़तंलशीराम-पतारा 14 ़जगतसिंह-अथैया तदन्तर आबादी बढ गई है उपरोक्त गाँवा मे इस समुह की सख्ंया बढने से आगे की पीढीयो का मुगल सल्तनत मे और विस्तार हुआ - 1 ़उरमुरा धात्री 2 ़तखरउ-सौधरा 3 ़अथैया -वासुक 4 ़भांती -उडेसर 5 ़नौठा -हडौली 6 ़गहराना -ररूआ गुलामवंशीय शासक - शेरशाह सूरी ,मुगल सल्तनत काल मे कायस्थो ने संस्कृत शास्त्रो के अध्ययन के साथ फारसी को सीखने मे पारंगत हुए तथा राजाश्रय मे कुछ पद निर्माण हुए जैसे लाला,मुनीम,नायब,पटवारी,मुंशी,कारिंदा,मुंसिफ,दीवान इत्यादि। उन्ही पदो पर कुछ पढे- लिखे लोग भी आसीन हुए। कायस्थ कहते थे कि- खेती करै न बंजी जाये विद्या के बल बैठे खाये ना हम खेती करते है ना व्यापार करते है, फिर भी विद्या की वजह से बैठ कर खते है। शायद आप लोगो को ज्ञात होगा कि आज से करीब 500 साल पहले एक कवि घाघ हुए है, उन्होने उस काल की परिस्थितियो व समाज प्रतिष्ठा के बारे मे लिख था- उत्तम खेती मध्यम वान और चाकरी भीख समान कृषक को वलीराजा या अन्नदाता का प्रथम दजा्र्र्र्र्र्र्र था, व्यापार मध्यम पेशा माना जाता था विषेशत़; नौकरी तो भीख के समान तुलना की गई हैे। कहने का मतलब नौकरी क्षुद्र पेशा समझा गया था, इस वजह से ब्राह्रण वर्ग कायस्थो को क्षुद्र पेशा करने वाला समझता था। ब्र्र्र्राहा्रमण हमेशा कायस्थो के आलोचक रहे ैशंकराचार्य व दूसरे ब्राहा्रमणो ने कायस्थो को शुद्र पेशे वाला समझा था,जिस वजह से स्वामी विवेकानन्द को शिकागो मे हिन्दु धर्म के प्रतिनिधि के रूप मे शंकराचार्य ने मान्यता नही दी थी। बौद्ध भिक्षुओ की अनुशंसा की वजह से स्वामी विवेकानन्द जी ने भारत का प्रतिनिधित्व किया। अब जो लोग घैलपुर व जालौन मे थे वह बीस खेडो से सम्बन्धित नही थे क्योकि खेडे विस्थापितो के जाने के बाद बने ।जालौनिया व धौलपुरिया इस समूह से निकलकर उससे पहले सुरक्षित स्थानो पर छिप गए या स्थापित हो गए। उस काल मे आवागमन के साधन बैलगाडी ,घोडागाडी या घोडा ही थे इससे दोआवी कुलश्रेष्ठ व धौलपुरिया व जालौनिया कुलश्रेष्ठो के समूहो मे बेटी के सम्बन्ध स्थापित नही हुए। जिन लोगो की शादी कुलश्रेष्ठ से बाहर हुई वह धंसा व उन्नीसा कहलाए जाने लगे। संकुचित विचारो की वजह से विघटन होता रहा जिससे बेटी व्यवहार बेद रहे। ब्रिटिश के शासनकाल मे गावो मे निवास व उच्च पढाई की व्यवस्थाए न मिलने से पढाई लिखाई मे पीछे रह गए । चौथी कक्षा या वर्नाकुलर शिक्षा के बाद गाँव या तहसील स्तर के सरकारी पदो पर कुछ लोग काम करने लगे ।चंद परिवार ही उच्च शिक्षा प्राप्त कर सके। ब्रिटिश सरकार के समय ज्यादातर इस समाज के परिवार के मुखिया नौकरी पेशा रहे।स्वतंत्रता के बाद हम ज्यादा प्रगति मे सरीक नही हो पाए फिर भी चंद परिवार उच्च शिक्षा प्राप्त कर सके।जिससे कुछ लोग सहायक वकील व वकील तथा डॉॅ, इत्यादी का पेशा अपनाने मे सफल रहे।रेल्वे कोर्ट डाक तहसील व जिला राज्य व इतर विभागो मे नियुक्तियां पा सके। हमे शुक्र्रगुजार रहना चाहिए चौ, चरण सिंह का । चौ, चरण सिंह का उल्लेख न करना इस कहानी के साथ नाइंसाफी है । उ,प्र, के मंत्री रहते हुए 1952 मे तत्कालीन पटवारीयो की माँगो पर ध्यान नही दिया । इस वजह से पटवारीयो से सामूहिक त्यागपत्र दे दिये। त्यागपत्र के बाद वे लोग बेरोजगार हो गए। जिससे रोजगार की खोज मे वे गाँव से बाहर निकले,शहर मे रोजगार के लिए बस गए। हम चौ , चरण सिंह के शुक्रगुजार है, कि हम कुछ आगे बढ सके ।हमारे काम ही लोग उच्च पदो पर आसीन है, फिर भी इससे नई पीढी के लोग आज उच्च शिक्षित नए विभिन्न विभागो व संस्थानो मे अलग अलग पदो पर काम कर रहे है। भारत मे सॉफटवेयर क्षेत्र मे उल्लेखनीय उपलब्धियो की वजह से हमारे बालक बालिकाए आज देश विदेश मे फैले हुए है । आज के युवाओ को विषेश मेहनत की जरूरत है। आरक्षण व इतर वजहो की वजह से अच्च पदो पर प्रतियोगिता बहुत कठिन से कठिनतम होती जा रही है। सभी दोआबी बीसा ,जालोनिया या धोलपुरिया कुलश्रैष्ठ एक ही परिवार के है। इनमे कोई उच्च या निम्न नही है ।हाँ सामाजिक रीतीयां या कुरीतियाँ भौगोलिक परिदश्य से अपनाई गई है। स्थानीय समाज व भौगोलिक व सरकारी नियमो की वजह से कायस्थो को मुसलमानो के नजदीक माना गया था। क्योकि कई सदियो से हम मुसलमानो के राज्य मे नौकर पेशा व गुलाम रहे व फारसी व उर्दू के ज्ञाता होने की वजह से जातियाँ हिन्दू होने पर भी शक की नजरो से देखते रहे है।मदरसो मे पढाने वाले मुल्ला मौलवी व मुंशी होते थे ।जहाँ उर्दु पढाई जा रही थी। मुंशी ज्यादातर कायस्थ ही होते थे। मुख्यत; मुंशी उर्दू साहित्य व गणित पढाते थे। आज हम सभी कुलश्रंष्ठ आपसी भाई चारा व बेटी का व्यवहार करते है। केवल चंद संकुचित विचार वाले कुलश्रेष्ठो को छोडकर समाज एकरूप हो गया है। आजकल तो अर्न्तजातिय शादीयाँ भी हाक रही है ,लेकिन ये कुलश्रेष्ठ समाज के विघटन को बढावा देती है, इससे कुलश्रेष्ठ समाज के सिकुडने का डर है ।अगर इसी दर से विघटन होता रहा तो आने वाली सदी मे कुलश्रेष्ठ का इतिहास नाम शेष ही रह जाएगा। कुलश्रेष्ठ परिवार मे कोई राजा होने का उल्लेख नही मिलता था, फिर भी दीवान, जमीदार,जागीरदार तो कई परिवार थे। उटा जिले मे बिलराम एक बडा कस्बा था जो सुजलाम सुफलाम परिसर था। उसी बिलराम मे एक जमीदार परिवार ने 1857 के गदर काल मे एटा के तत्कालीन कलेक्टर ए.एम. फिलिप्स को पनाह दी थी। उनकी अनुशंसा पर श्रीयुत राजा दिलसुख राय को 1859 के दिल्ली दरबार मे 31 मौजे इनाम मे दिए गए व राजा को सरकार की तरफ से तिलक कराया गया था। बाद मे राजा श्री शंकर सिंह बहादुर जी ने अग्रेंजो से कासंगत खरीद लिया । वहाँ बाकायदा किला इत्यादी बनवाया गया। वह परिवार भगवान शंकर जी का बडा भक्त था । तत्कालीन एटा शहर मे कैलास मंदिर व राजा हाउस बनवाया गया था, जो आज भी भव्यता व दानशीलता की कहानी कहता हुआ खडा है । प्राचीनतम अगर किसी सभा का नाम आएगा तो वह आगरा व उसके आसपास के कुछ कुलश्रेष्ठ बन्धुओ ने पटवारियन स्कूल के पास शाहगंज मे कुलश्रेष्ठ सभा की स्थापना की उसमे हमारे समाज के अनेक नामी गिरामी पुर्वजो ने उसमे भाग लिया । वहाँ एक चित्रगुप्त स्कूल भी चलाया जाता है। दिल्ली मे काफी कुलश्रेष्ठ परिवार बसे हुए है, उन सबने मिलकर नवम्बर 1964 मे दिल्ली कुलश्रेष्ठ महासद्यं की स्थापना कुछ कुलश्रेष्ठ परिवारो की अगुआई मे की गई,जिसने 3 नवम्बर 2014 को 60 साल का जश्न मनाया। दिल्ली के कुछ सेवाभवी व धर्मभाव मतावलम्बी कुलश्रैष्ठ बन्धुओ ने कुलश्रेष्ठ कल्याण समिति सस्ंथा की स्थापना की जो समाज के कमजोर व इतरजनो को समय-समय पर आर्थिक मदद का हाथ बढाती है ,जिसके सदस्य आज विश्वभर मे फैले हुए है। भारत के विभिन्न शहरो मे कुलश्रेष्ठ परिवार रह रहे है। अनेक शहरो मे कुलश्रेष्ठ सभाएं संचालित होती है । लगभग सभी अखिल भारतीय कुलश्रेष्ठ महासभा से जुडी हुई है। सन् 2002 के सर्वे के अनुसार पुरे विश्व मे हमारे कुलश्रेष्ठ परिवार अंदाजन 5000 है, जिनकी कुल संख्या 25000 से ज्यादा नही है। सच्चे मन से बोलो श्री चित्रगुप्त भगवान की जय। इति शुभम।


छात्र कल्याण समिति एवं अखिल भारतीय कुलश्रेष्ठ महासभा के सौजन्य से मेधावी विद्यार्थियों हेतु टेलेंट सर्च प्रतियोगिता आयोजित
01-Jul-2017,17:38:54,kulshreshthaworld.com
छात्र कल्याण समिति अ0भा0कु0म0 के सौजन्य से पिछले तीन वर्षो से निरन्तर कुलश्रेष्ठ समाज केमेघावी छात्र/छात्राओ हेतु टेलेन्ट सर्च प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है और उन्हे प्रतियोगिता मे प्राप्त मेरिट के आधार पर श्रीराम ग्रुप आफॅ कालेज,मुजफ्फरनगर मे विभिन्न स्नातक एवं परा स्नातक पाठयक्रम मे निःशुल्क अथवा अत्यन्त कम शुल्क पर प्रवेश देकर तकनीकी एवं व्यवसायिक शिक्षा प्रदान किये जाने का उल्लेखनीय कार्य किया जा रहा है। प्रतियोगिता के परिणाम आश्चर्यजनक रहे है इस प्रतियोगिता मे प्रवेश पाने वाले कुलश्रेष्ठ समाज के आर्थिक रूप से पिछडे परिवारो के नवयुवक यहां से डिगी्र प्राप्त करके अच्छी नौकरी प्राप्त कर अपने करियर निर्माण मे सफल रहे है। अतः छात्र कल्याण समिति अखिल भारतीय कुलश्रेष्ठ महासभा द्वारा इस प्रतियोगिता को जारी रखने और शैक्षिक सत्र 2017-18 हेतु आयोजित करने का निर्णय लिया गया है जिससे कि समाज के मेघावी और आर्थिक रूप से पिछडे विद्यार्थियो को निःशुल्क अथवा अत्यन्त कम शुल्क पर तकनीकी/व्यवसायिक शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराये जा सके,और ’केरियर गाइडेन्स’ सेमिनार के माध्यम स युवाओ को उनके केरियर के लिए मार्गदर्शन प्रदान किया का सके। श्रीराम ग्रुप अॅाफ कॅालेजेज मुजफ्फरनगर मे निम्नलिखित पाठ्यक्रम संचालित है- स्नातक/डिप्लोमा स्तर पर उपलब्ध पाठ्यक्रमः- b. tech (me ce eee&c cse) b arch polytechnic(me ce ee e&c) bsc bio technology, bsc microbiology bsc homescience bsc PCM bsc CBZ bcaBFA BPES BJMC BALLB LLB BCOM BPED उपरोक्त पाठ्यक्रम मे कुल 10 विद्यार्थियो को निःशुल्क तथा 20 विद्यार्थियो को अर्द्धशुल्क पर प्रवेश दिया जायेगा। परास्नातक स्तर पर उपलब्ध पाठ्यक्रमः- MBA MCA PGDM MSC Bio TechnologyMsc Microbiology Msc Computer Science Msc FOOD-7 Nutrition Msc Clothing 7 Textile Msc Home Management MFA Fashion MFA Com-Arts MJMC Mcom MED MP ED उपरोक्त पाठ्यक्रम मे कुल 10 विद्यार्थियो को निःशुल्क तथा 20 विद्यार्थियो को अर्द्धशुल्क पर प्रवेश दिया जाएगा। विद्यार्थियो द्वारा पाठ्यक्रम का चयन ’टेलेन्ट सर्च’ परीक्षा मे प्राप्त अंको से बनी मेरिट लिस्ट के आधार पर किया जाएगा। स्नातक एवं परास्नातक पाठ्यक्रमो हेतु अलग-अलग मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी। प्रत्येक मेरिट लिस्ट मे स्थान पाने वाले पाँच-पाँच विद्यार्थियो को छात्रावास अर्द्धशुल्क पर उपलब्ध कराया जाएगा। टेलेन्ट सर्च कार्यक्रम का आयोजनः- यह प्रतियोगिता 16 जुलाई 2017 दिन रविवार को दोपहर 12ः00 बजे कुलश्रेष्ठ भवन,शाहगंज आगरा मे आयोजित की जाएगी। यदि अन्य शहरो से समुचित सख्ंया मे आवेदन पत्र प्रा्रप्त होते है,तो वहां भी परीक्षा केन्द्र स्थापित किया जा सकता है। जिसका प्रस्ताव स्थानीय कुलश्रेष्ठ सभा छात्र कल्याण समिति को भेज सकती है। प्रतियोगिता मे एक घटें का वस्तुनिष्ठ प्रश्नपत्र स्नातक पाठ्यक्रमो तथा परास्नातक पाठ्यक्रमो मे प्रवेश लेने वाले अभ्यर्थीयो के लिए पृथक-पृथक होगा। जिसमे एप्टीट्यूड रिजनिंग एनालोजिस नम्बर सीरीज कॉज एण्ड इफेक्ट,सिनोनिम्स ,एन्टोनिम्स,आइडिओम्स,एण्ड पैरास हिस्टी जियोग्राफी,जनरल साइंस जनरल नॉलेज, आदि से संबंधित प्रश्न होंगे। प्रतियोगिता में भाग लेने के इच्छुक विद्यार्थी आवेदन पत्र को भरकर श्री संकल्प कुलश्रेष्ठ सचिव श्री राम चेरिटेबल ट्रस्ट 1298 सरकुलर रोड मुजफ्फर नगर 251001 उत्तरप्रदेश के नाम डाक अथवा ईमेल के माध्यम से भेज सकते हैं। ईमेल आईडी srgcabkmswc@gmail.com पर दिनांक 13 जुलाई तक आप अपने आवेदन भेज सकते हैं। आवेदन पत्र वेबसाइट www.srgcmzn.com पर भी उपलब्ध हैं। यह प्रतियोगिता पूर्णतः निशुल्क हैं। टेलेंट सर्च परीक्षा के दिन ही कुलश्रेष्ठ भवन शाहगंज आगरा में एक कैरियर गाइडेंस विषय पर सेमिनार आयोजित किया जाएगा। जिसमें काउंसलिंग के द्वारा विभिन्न छात्र छात्राओं को भीन्न भीन्न पाठ्यक्रमों की प्रतियोगिता तथा संभावित रोजगार के अवसर एवं भविष्य में किन पाठ्यक्रमों का महत्व होगाआदि महत्वपूर्ण्ज्ञ जानकारी दी जाएगी। अतः सभी कुलश्रेष्ठ सभाओं एवं कुलश्रेष्ठ परिवारों से आग्रह हैं कि समाज हित में इस कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान प्रदान करने का कष्ट करेंगे।


GST आधी रात को होगा लॉन्च, कांग्रेस करेगी समारोह का बहिष्कार
30-Jun-2017,12:47:48,kulshreshthaworld.com
नई दिल्ली: संसद के सेंट्रल हॉल में शुक्रवार रात 11 बजे जीएसटी लॉन्च से जुड़ा कार्यक्रम होगा, जो आधी रात 12 बजे के बाद तक चलेगा. इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, पीएम मोदी, पूर्व पीएम एच डी देवेगौड़ा, सभी कैबिनेट मंत्री और राज्यों के वित्त मंत्री शामिल होंगे, हालांकि कांग्रेस इसका बहिष्कार करेगी. कांग्रेस का कहना है कि ये सिर्फ सरकार के प्रचार का शगूफ़ा है. कांग्रेस ने जीएसटी लागू करने के लिए पूरी तैयारी नहीं होने का भी आरोप लगाया. वहीं लेफ़्ट और टीएमसी भी इस समारोह से दूर रहेंगी. जीएसटी के विशेष कार्यक्रम के लिए कई विशिष्ट व्यक्तियों को निमंत्रित किया गया है. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, सभी राज्यों के वित्त मंत्री, जीएसटी परिषद के सदस्य, आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल, आरबीआई के पूर्व गवर्नर सी रंगराजन, वाईवी रेड्डी, डी सुब्बाराव, बिमल जालान, सुप्रीम कोर्ट के चीफ़ जस्टिस और अन्य जज, हाई कोर्ट के चीफ़ जस्टिस, मशहूर वक़ील सोली सोराबजी, केके वेणुगोपाल, हरीश साल्वे, केके वेणुगोपाल, सीआईआई, फ़िक्की, एसोचैम के प्रमुख, पूर्व सीएजी टीएन चतुर्वेदी, विनोद राय, मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम ज़ैदी, आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद पानगढिया, जीएसटी पेनल के पूर्व अध्यक्ष सुशील मोदी और अब्दुल रहीम राथेर, सीएजी शशिकांत शर्मा, सीवीसी केवी चौधरी और यूपीएससी अध्यक्ष, मशहूर कृषि वैज्ञानिक एमएस स्वामीनाथन, अकाली दल प्रमुख प्रकाश सिंह बादल और सौ से भी ज्यादा विशिष्ट व्यक्तियों को निमंत्रण भेजे गए. सभी सांसदों को भी आमंत्रित किया गया है. पार्टी द्वारा गुरुवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने आधी रात के कार्यक्रम को गरिमा के खिलाफ बताया. आजाद ने कहा कि जीएसटी समारोह ठीक नहीं. मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए आजाद ने कहा कि जीडीपी गिरावट पर सरकार का कोई ध्यान नही है. सरकार बहरी है, उसे चीख पुकार सुनाई नहीं देती. कांग्रेस के साथ ही कुछ अन्य दलों ने भी इस समारोह में शामिल नहीं होने का फैसला किया है. तृणमूल कांग्रेस ने भी साफ कर दिया है कि पार्टी समारोह में हिस्सा नहीं लेगी. कांग्रेस के इस कदम से साफ हो गया है कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी इस कार्यक्रम में हिस्‍सा नहीं लेंगे. यह इसलिए अहम है क्‍योंकि मंच पर पीएम और राष्‍ट्रपति के अलावा दो पूर्व प्रधानमंत्रियों को भी आमंत्रित किया गया था. उन्होंने कहा, वाजपेयी सरकार में वित्त मंत्री रहे यशवंत सिन्हा से लेकर राष्ट्रपति बनने से पहले वित्त मंत्री के रूप में मेरे कार्यकाल तक हमने जीएसटी के लिए प्रयास किया. मैंने जीएसटी के लिए साल 2011 में एक संविधान संशोधन विधेयक पेश किया. लेकिन वह आगे नहीं बढ़ सका. राष्ट्रपति ने बजट सत्र को फरवरी के पहले दिन से शुरू करने तथा रेलवे बजट सहित स्वतंत्र भारत का पहला संयुक्त बजट पेश करने के लिए मोदी सरकार की प्रशंसा की. (इनपुट्स IANS से भी)


रामनाथ कोविंद आज भरेंगे राष्ट्रपति पद का नामांकन, पीएम मोदी और अमित शाह भी रहेंगे मौजूद
23-Jun-2017,15:57:03,kulshreshthaworld.com
राष्ट्रपति चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की तरफ से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद शुक्रवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष अमित शाह तथा राजग शासित राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद रहेंगे। लोकसभा सचिवालय द्वारा गुरुवार को जारी एक बयान के मुताबिक, “रामनाथ कोविंद पूर्वाह्न 11.45 बजे संसद भवन में अपना नामांकन दाखिल करेंगे।” भाजपा सूत्रों ने कहा कि नामांकन पत्र के चार सेट तैयार किए गए हैं, जिनपर मोदी, शाह, तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) अध्यक्ष व आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन.चंद्रबाबू नायडू तथा पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के हस्ताक्षर होंगे। 17 जुलाई को होने वाले चुनाव में कोविंद की जीत तय मानी जा रही है, हालांकि मुकाबला होना तय है। विपक्षी पार्टियों ने गुरुवार को लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष मीरा कुमार को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किया। शिवसेना तथा जम्मू एवं कश्मीर की पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) सहित राजग के पास सांसदों व विधायकों के इलेक्टोरल कॉलेज का 48.93 फीसदी समर्थन है। गठबंधन से बाहर की पार्टियों जैसे तेलंगाना राष्ट्र समिति (2 फीसदी), ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (5.39 फीसदी), वाईएसआर कांग्रेस (1.53 फीसदी), बीजू जनता दल (2.99 फीसदी), जनता दल (युनाइटेड) के 1.91 फीसदी मतों को मिलाकर राजग आधा मत आसानी से प्राप्त कर लेगा।


31 दिसंबर तक बैंक खातों से आधार जोड़ना हुआ जरूरी, नहीं तो खाता हो जाएगा अवैध
17-Jun-2017,13:30:26,kulshreshthaworld.com
सरकार ने शुक्रवार को अहम ऐलान करते हुए कहा कि बैंक खाता खोलने तथा 50,000 रुपये या उससे अधिक के वित्तीय लेन-देन के लिए आधार नंबर अब अनिवार्य होगा सभी वर्तमान बैंक खाताधारकों को 31 दिसंबर, 2017 तक आधार क्रमांक जमा करने को कहा गया है ऐसा नहीं करने पर उनके खाते अवैध हो जाएंगे आधार संख्या व्यक्ति की जैविक पहचान से भी जोड़ी गयी है राजस्व विभाग की अधिसूचना के अनुसार सभी वर्तमान बैंक खाताधारकों को भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण द्वारा जारी आधार संख्या को 31 दिसंबर, 2017 तक जमा करने को कहा गया है, ऐसा नहीं करने पर उनके खाते क्रियाशील नहीं रहेंगे जानिए इससे जुड़ी खास बातें सरकार ने 2017-18 के बजट में पहले ही आधार को (आयकर) स्थायी खाता संख्या (पैन) के साथ जोड़ने को आवश्यक बना दिया था ताकि लोग कर से बचने के लिए एक से ज्यादा पैन कार्डों का इस्तेमाल नहीं कर सकें धन-शोधन रोधी (रिकॉर्ड का रखरखाव) रोकथाम नियमावली, 2005 को संशोधित कर जारी की गयी अधिसूचना में व्यक्तियों, कंपनियों या भागदारी कंपनियों द्वारा 50000 रुपये या उससे अधिक के लेन-देन के लिए आधार के साथ-साथ पैन नंबर या फार्म नंबर 60 देना अनिवार्य बनाया गया है छोटे खातों के लिए नियमों को कड़ा करते हुए संशोधन में कहा गया है कि अपने ग्राहक को जानों (केवाईसी) दस्तावेज को जमा कराए बिना और अधिकतम 50000 रुपये जमा वाले खाते बैंकों को केवल उन शाखाओं में खोले जा सकते हैं जहां कोर बैंकिंग सोल्युशन हैं नए नियमों के अनुसार- ऐसे खाते उसी शाखा में खोले जा सकते हैं, जहां कर्मचारी उसकी निगरानी कर सकें और यह सुनिश्चित कर सकें कि विदेश से ऐसे खातों में पैसे न भेजे जाएं उन खातों में महीने और साल में लेन-देन की निर्धारित सीमा का पालन हो तथा बैलेंस का उल्लंघन न हो ऐसे खाते शुरू में 12 महीने तक चालू रहेंगे और उसके बाद यदि खाताधारक इस बात का सबूत देता है कि उसने आधिकारिक वैध सत्यापन दस्तावेज के लिए आवेदन किया है तब उसे और 12 महीने का वक्त दिया जा सकता है नियमों में कहा गया है छोटे खाते की निगरानी की जाएगी और जब भी यदि धनशोधन या आतंकवाद के वित्त पोषण या अन्य किसी बड़े जोखिम परिदृश्य का संदेह होगा तो दावे की पहचान आधिकारिक वैध दस्तावेजों की पेशी कर की जाएगी संशोधन में एक जून से व्यक्तियों कंपनियों या भागदारी कंपनियों द्वारा 50000 रुपये या उससे अधिक के लेन-देन करने पैन या फार्म नंबर 60 के साथ आधार का उल्लेख करना आवश्यक बनाया गया है यदि खाता खोलने के समय आधार क्रमांक नहीं होगा तो आवेदक को आधार के लिए किये गये आवेदन का सबूत दिखाना होगा और खाता खुल जाने के छह महीने के अंदर आधार क्रमांक जमा करना होगा


श्री कुलश्रेष्ठ युवा शाखा आगरा द्वारा रक्तदान शिविर का आयोजन
17-May-2017,12:35:21,kulshreshthaworld.com
श्री कुलश्रेष्ठ सभा युवा शाखा आगरा द्वारा 21 मई 2017 को रक्तदान शिविर का आयोजन समर्पण रक्त बैंक दिल्ली गेट आगरा में किया जा रहा हैं। श्री कुलश्रेष्ठ सभा युवा शाखा आगरा के अध्यक्ष मनोज कुलश्रेष्ठ राजू , सचिव श्री आलोक कुलश्रेष्ठ एवं अखिल भारतीय कुलश्रेष्ठ महासभा सुवा विंग के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मनोज कुलश्रेष्ठ ने अपील की हैं कि अधिक से अधिक लोग इस सराहनीय कार्य में भाग लेकर रक्त दान में सहयोग करें। रक्तदान शिविर 21 मई 2017 को सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक आयोजित किया जाएगा। श्री कुलश्रेष्ठ सभा युवा शाखा आगरा द्वारा सभी इच्छुक लोगों को रक्तदान करने एवं रक्तदान जीवन अभियान दान में स्वेच्छा से भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया हैं। आयोजन से संबंधित अधिक जानकारी के लिए निचे दिए गए नंबर पर संपर्क किया जा सकता हैं। मनोज कुलश्रेष्ठ राजू 9927027774 आलोक कुलश्रेष्ठ 9456800604 मनोज कुलश्रेष्ठ राका 9927737777


अखिल भारतीय कुलश्रेष्ठ संघ के परिवार द्वारा दिल्ली के इंडिया गेट पर शहीद लेफ्टिनेंट को श्रद्धांजली
15-May-2017,13:24:13,kulshreshthaworld.com
शहीद की फोटो के सामने कैंडल लगा सभी ने शहीद लेफ्टिनेंट को श्रद्धांजली अर्पित की। अखिल भारतीय कुलश्रेष्ठ संघ के परिवार ने मिलकर मिलन 13/05/2017 को राजपथ इंडिया गेट दिल्ली में मनाया। शहीद लेफ्टिनेंट उमर फयाज को श्रद्धांजलि देने के लिए एबीकेएस बैनर के तहत एक कार्यक्रम आयोजित कर दिल्ली के इंडिया गेट पर कैंडललाइट मार्च निकाला गया। शहीद को श्रद्धांजली देने के लिए निकाले गए कैंडलमार्च में में कुलश्रेष्ठ समाज के कई सम्माननीय लोग शामिल हुए। कार्यक्रम में बच्चों से लेकर बड़ों ने बढ़ चढ़ कर भाग लिया। शहीद लेफ्टिनेंट उमर फयाज को श्रद्धांजली देने के लिए समाजजन हाथ में कैंडल लिए इंडिया गेट पर एकत्रित हुए। शहीद की फोटो के सामने कैंडल लगा सभी ने शहीद लेफ्टिनेंट को श्रद्धांजली अर्पित की। यह जानकारी अखिल भारतीय कुलश्रेष्ठ सभा के महासचिन श्री विवेक कुलश्रेष्ठ ने दी।


श्री कुलश्रेष्ठ सभा युवा शाखा आगरा द्वारा रक्तदान शिविर आयोजित
12-May-2017,11:20:22,kulshreshthaworld.com
भारत में पहली बार अखिल भारतीय कुलश्रेष्ठ महासभा की यूथ विंग इस रविवार mothers day celebrate कर रही है जिसका मुख्य मक़सद माँ के प्रति अपनी भावनाओं को दर्शाना है। श्री कुलश्रेष्ठ सभा युवा शाखा आगरा द्वारा दिनांक 21 मई 2017 रविवार को सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक समर्पण ब्लड बैंक आगरा पर रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा हैं। अखिल भारतीय कुलश्रेष्ठ महासभा युवा शाखा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मनोज कुलश्रेष्ठ , श्री कुलश्रेष्ठ सभा युवा शाखा आगरा के महासचिव कुलदीप कुलश्रेष्ठ , सचिव आलोक कुलश्रेष्ठ, अध्यक्ष अशोक प्रकाश कुलश्रेष्ठ, एवं मनोज कुलश्रेष्ठ ने सभी नागरिकों से निवेदन किया हैं कि वे उक्त कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर रक्तदान में सहयोग प्रदान करें। हम आपको यह भी बता दें कि यह हमारा एक छोटा सा प्रयास है।समाज में जागृति लाने और समाज के सभी लोगों को एक नयी सोच के साथ मिलकर आगे बढ़ने का मौक़ा हमें बार बार कहाँ मिल पाता है हमें उम्मीद ही नहीं पूरा विश्वास है कि आप सभी इस मुहिम का हिस्सा ज़रूर बनेंगे।


तीन तलाक मुद्दे पर पीएम मोदी ने की मुस्लिम नेताओं से अपील, ‘ न होने दे तीन तलाक का राजनीतिकरण’
10-May-2017,14:14:12,kulshreshthaworld.com
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुस्लिम समुदाय से अपील की है कि वो तीन तलाक के मसले पर राजनीतिक रंग ना चढ़ने दे मोदी ने मंगलवार को मुस्लिम संगठन जमात ए उलेमा ए हिंद के 25 नेताओं से मुलाकात की. तीन तलाक पर नसीहत मुलाकात के बाद पीएमओ की ओर से जारी बयान में कहा गया तीन तलाक के मुद्दे पर प्रधानमंत्री ने दोहराया कि मुस्लिम समुदाय को इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं होने देना चाहिए और उन्होंने मौजूद सभी नेताओं से इस संबंध में सुधार शुरू करने की जिम्मेदारी लेने के लिए कहा पीएमओ की विज्ञप्ति के मुताबिक मुस्लिम नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने इस मुद्दे पर पीएम के रुख की तारीफ की कश्मीर के हालात पर चिंता बैठक में मुस्लिम नेताओं ने कश्मीर के ताजा हालात पर चिंता जाहिर की. मुस्लिम नेताओं का मानना था कि सिर्फ प्रधानमंत्री ही इस मसले का हल निकाल सकते हैं. प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि मुस्लिम समुदाय नया भारत बनाने में बराबर की साझेदारी निभाना चाहता है टीम के सदस्यों ने माना कि आतंकवाद एक बड़ी चुनौती है और इससे निपटने का संकल्प दोहराया कौमी एकता पर जोर बैठक के दौरान मोदी ने कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत सद्भाव और मेलजोल है और लोगों के बीच भेदभाव करने का हक सरकार के पास नहीं है. पीएम ने विविधता में एकता को भारत की खासियत बताया और कहा कि देश की नई पीढ़ी को दुनिया में बढ़ते चरमपंथ का शिकार बनने की मंजूरी नहीं देनी चाहिए. प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों का मानना था कि देश की सुरक्षा से किसी भी कीमत पर समझौता ना करना मुस्लिम समुदाय की जिम्मेदारी है. पीएमओ के बयान के मुताबिक प्रतिनिधिमंडल में मौजूद नेताओं ने कहा कि मुस्लिम समुदाय भारत के खिलाफ किसी भी साजिश को कभी भी सफल नहीं होने देगा. अजीत डोभाल का संदेश प्रतिनिधिमंडल का स्वागत राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने किया. उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया भारत की तरफ देख रही है और ये समाज के हर तबके की जिम्मेदारी है कि वो देश को आगे ले जाए. जमात-ए-उलेमा-ए-हिंद के दल में संगठन के अध्यक्ष मौलाना कारी सैयद मोहम्मद उस्मान मनसूरपुरी संस्था के महासचिव मौलाना महमूद ए मदनी, मुंबई के अंजुमन ए इस्लाम के अध्यक्ष जहीर आई. काजी शिक्षाविद् अख्तरुल वासे तथा मौलाना बदरुद्दीन अजमल भी शामिल थे.


लालू प्रसाद यादव पर चलेगा आपराधिक साजिश का केस, सुप्रीम कोर्ट ने चारा घोटाला केस में दिया फैसला
09-May-2017,13:04:17,kulshreshthaworld.com
पटना: 950 करोड रुपये के चारा घोटाला मामले में आरजेडी प्रमुख लालू यादव और अन्य पर से आपराधिक साजिश और अन्य धाराएं हटाये जाने के खिलाफ CBI की दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला सुना दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में लालू यादव पर इस मामले में आपराधिक साजिश का केस चलाने की इजाजत दे दी है. कोर्ट ने 9 महीनों में सुनवाई पूरी करने का आदेश दिया है. सुप्रीम कोर्ट ये भी तय कर दिया कि चारा घोटाले से जुडे अलग अलग मामले चलते रहेंगे. इस मामले में लालू यादव समेत 45 अन्य नेताओं पर केस चलेंगे. लालू यादव की ओर से राम जेठमलानी पेश हुए थे और केस खारिज करने की मांग की थी. उन्होंने सीबीआई की दलील को खारिज कर दिया था. वहीं कोर्ट ने सीबीआई को भी मामले में देरी करने पर फटकार लगाई. साथ ही झारखंड हाईकोर्ट को भी कानून के तय नियमों का पालन नहीं करने पर लताड़ लगाई. दरअसल, झारखंड हाईकोर्ट ने नवंबर 2014 में लालू को राहत देते हुए उन पर लगे घोटाले की साजिश रचने और IPC 420ठगी, 409 क्रिमिनल ब्रीच आफ ट्रस्ट और प्रिवेंशन आफ करप्शन के आरोप हटा दिए थे. हाईकोर्ट ने फैसले में कहा था कि एक ही अपराध के लिए किसी व्यक्ति को दो बार सजा नहीं दी जा सकती है. हालांकि हाईकोर्ट ने फैसले में यह भी कहा गया कि लालू यादव के खिलाफ आईपीसी की दो अन्य धाराओं के तहत मुकदमा जारी रहेगा.इस फैसले के आठ महीने बाद सीबीआई ने झारखंड हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ जुलाई में सुप्रीम कोर्ट में अपील दाखिल की थी.सुनवाई के दौरान लालू प्रसाद यादव की तरफ राम जेठमलानी ने कहा कि सभी मामलों में आरोप एक जैसे है इसलिए मामले को लेकर दर्ज किये गए अलग अलग केसों को सुनने की जरूरत नहीं. वही सीबीआई की तरफ से SG रंजीत कुमार ने कहा कि लालू प्रसाद के खिलाफ 6 अलग अलग मामले दर्ज हैं जिनमें से 1 मामले में वो दोषी करार दिए गए है और मामला हाई कोर्ट में लंबित है. सीबीआई की तरफ से रंजीत कुमार ने ये भी कहा कि सभी मामलों में साल, रिश्वत की रकम और ट्रांजेक्शन अलग अलग है इस लिए सभी मामलों को एक जैसा नहीं देखा जा सकता. चारा घोटाला मामले में आरजेडी प्रमुख लालू यादव और अन्य पर से कुछ धाराएं हटाये जाने के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट नेसुनवाई कर 20 अप्रैल को आदेश सुरक्षित रख लिया था.करीब950 करोड़ के चारा घोटाले के आरसी/20ए/96केस में लालू प्रसाद यादव के अलावा बिहार के पूर्व सीएम जगन्नाथ मिश्र, जेडीयू सांसद जगदीश शर्मा समेत 45 आरोपी हैं। इस सभी पर चाईबासा कोषागार से 37.7 करोड़ रुपये की अवैध निकासी का आरोप है.चारा घोटाला 1990 से लेकर 1997 के बीच बिहार के पशुपालन विभाग में अलग-अलग जिलों में लगभग 1,000 करोड़ रुपये के गबन से जुड़ा है. इस दौरान लालू प्रसाद यादव बिहार के मुख्यमंत्री थे. सीबीआई ने अपनी हालिया अपील में हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें लालू प्रसाद यादव के खिलाफ ट्रायल कोर्ट में केवल दो धाराओं के तहत सुनवाई को मंजूरी दी गई थी, जबकि अन्य आरोपों को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि एक अपराध के लिए किसी व्यक्ति का दो बार ट्रायल नहीं हो सकता. झारखंड हाईकोर्ट ने आदेश दिया था कि भारतीय दंड संहिता की धारा-201(अपराध के साक्ष्य मिटाना और गलत सूचना देना ) और धारा-511 (ऐसा अपराध करने की कोशिश करना, जिसमें आजीवन कारावास या कारावास की सजा सकती है ) के तहत लालू प्रसाद यादव के खिलाफ मामले की सुनवाई चलती रहेगी.


फांसी की सजा ने किया निर्भया के दोषियों को विचलित, जेल प्रशासन को लेना पड़ी चिकित्सकों की मदद
08-May-2017,11:35:32,kulshreshthaworld.com
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद निर्भया गैंगरेप के चारों दोषियों को अब फांसी का डर सता रहा है. उन पर निगरानी बढ़ा दी गई है. दोषियों के ऊपर लगाई गई टू लेयर मॉनिटरिंग को थ्री लेयर कर दिया गया है. साथ ही चारों दोषियों पर नजर रखने के लिए तमिलनाडु स्पेशल पुलिस के जवानों को भी तैनात किया गया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीते शुक्रवार चारों दोषियों को जैसे ही टीवी के जरिए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बारे में पता चला, वह बेचैन हो गए. चारों को फांसी की सजा को उम्रकैद में बदले जाने की उम्मीद थी. जिसके बाद इनकी चुप्पी को देखते हुए जेल प्रशासन ने तीन सीनियर डॉक्टरों की मदद से उनकी काउंसिलिंग करवाई. बताते चलें कि चारों की फांसी की सजा बरकरार रखे जाने के फैसले से जेल के दूसरे कैदी खुश थे. दोषियों की मनोदशा को देखते हुए तिहाड़ प्रशासन ने इन पर निगेहबानी का पहरा कड़ा कर दिया. अधिकारियों के अनुसार, निगरानी बढ़ाए जाने के दो कारण है. पहला, फांसी की सजा मिलने के बाद दोषी खुदकुशी की कोशिश न करें. दूसरा, ये कहीं जेल से न भाग जाए. अधिकारियों ने बताया कि जेल नंबर-4 में बंद केस के एक दोषी विनय शर्मा ने दीवार पर अपना सिर मारकर खुद को घायल करने की कोशिश की थी. इसके बाद इसे जेल नंबर-4 से जेल नंबर-7 के हाई सिक्योरिटी वॉर्ड में शिफ्ट कर दिया गया. बाकी तीनों दोषियों को जेल नंबर-2 में रखा गया है. गौरतलब है, विनय इससे पहले भी खुदकुशी की कोशिश कर चुका है. फिलहाल तमिलनाडु स्पेशल पुलिस के जवान इन पर 24 घंटे पहरा दे रहे हैं.


महिला पत्थरबाजों को काबू में करने तैनात होगी महिला बटालियन
28-Apr-2017,12:41:43,kulshreshthaworld.com
जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों पर पत्थरबाजी जैसी घटनाओं को रोकने के लिए सरकार पुलिस विभाग में करीब 1,000 महिलाओं की भर्ती करेगी। ये महिला पुलिसकर्मी केंद्र सरकार की नवगठित पांच भारतीय रिजर्व बटालियनों (आईआरबी) का हिस्सा होंगी। इसके लिए केंद्र पहले ही अपनी मंजूरी दे चुका है। केंद्र सरकार की रिजर्व बटालियनों में भर्ती होने वाले पुलिसकर्मियों की तैनाती उनके गृह राज्य में ही की जाती है। देश में कुल 144 रिजर्व बटालियनें हैं। इनमें चार-चार बटालियन नक्सल हिसा प्रभावित 12 प्रदेशों में पहले से ही तैनात हैं। गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया, "पांच बटालियनों में 5,000 पुलिसकर्मियों की भर्ती की जानी है। इसके लिए जम्मू-कश्मीर के लगभग 1.40 लाख युवाओं ने आवेदन किया है। इनमें 40 प्रतिशत आवेदन कश्मीर घाटी से आए हैं। बटालियनों में भर्ती का उद्देश्य स्थानीय युवाओं को रोजगार देना है। इसमें 60 पद सूबे के सीमावर्ती क्षेत्रों के आवेदकों के लिए आरक्षित हैं।" अधिकारी के अनुसार, "महिला पुलिसकर्मियों को मुख्य रूप से कश्मीर घाटी में पथराव और कानून व्यवस्था से जुड़ी ड्यूटी में तैनात किया जाएगा।" सूबे के लिए 19,000 करोड़ रुपए जारी अधिकारी ने बताया, "गृह मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा की गई। हालांकि बैठक का एजेंडा मोदी सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर में विकास परियोजनाओं के लिए 2015 में घोषित 80,000 करोड़ रुपए के पैकेज पर चर्चा करना था।" अधिकारी ने बताया कि इस पैकेज में से 19,000 करोड़ रुपए जारी कर दिए गए हैं। बैठक में विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों, विभागों और राज्य सरकार के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।


बिल गेट्स ने मोदी के भारत में स्वच्छता अभियान की की सराहना
26-Apr-2017,12:53:21,kulshreshthaworld.com
माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ में जमकर कसीदे पढ़ें हैं. एक ब्लॉग में गेट्स ने लिखा कि पिछले तीन वर्षों में स्वच्छता और खुले में शौच को लेकर मोदी के ओर से उठाए गए कदम काफी सराहनीय हैं. बिल ने अपने ब्लॉग में लिखा कि पीएम मोदी ने ऐसी समस्या को उठाया है, जिसके बारे में हम सोचना भी पसंद नहीं करते हैं. बिल गेट्स ने लिखा कि पिछले तीन सालों में पीएम ने जन स्वास्थय को लेकर साहसिक टिप्पणी की है, जो अभी तक हमनें किसी निर्वाचित सदस्यों के मुंह से नहीं सुना है. और अब इसका काफी असर देखने को मिल रहा है. गेट्स ने मोदी की तारीफ में कहा कि पीएम मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ही अपने पहले संबोधन में इसके बारे में कहा था. बिल गेट्स ने अपने ब्लॉग में मोदी के भाषण का अंश भी डाला, गेट्स ने लिखा कि हम 21वीं सदी में रह रहे हैं, क्या हमें कभी इस बात को लेकर तकलीफ महसूस हुई कि हमारी माताएं और बहनें खुले में शौच करने को मजबूर हैं? गांव की गरीब महिलाएं रात के अंधेरे का इंतजार करती हैं ताकि वे शौच के लिए जा सकें. भाषण के साथ काम भी किया ब्लॉग में उन्होंने कहा कि मेरे ख्याल से अभी तक किसी अन्य बड़े नेता ने इस तरह ऐसे मुद्दे को नहीं उठाया है. उन्होंने लिखा कि मोदी ने सिर्फ भाषण नहीं दिया बल्कि उसपर काम भी किया है. पीएम ने स्वच्छ भारत अभियान के तहत 2019 तक लगभग 7.5 करोड़ शौचालय बनाने का है. और इस पर लगातार काम भी चल रहा है. आपको बता दें कि भारत सरकार लगातार स्वच्छता के मुद्दे पर ध्यान दे रही है. पीएम मोदी के नेतृत्व में लगातार खुले में शौच को खत्म करने को लेकर तेज अभियान छेड़ा है.


कोहिनूर हीरे पर सुप्रीम कोर्ट ने दिया फैसला, हम नहीं ला सकते कोहिनूर वापस, वैकल्पिक रास्ते खोजें !
22-Apr-2017,10:32:20,kulshreshthaworld.com
सुप्रीम कोर्ट ने यूके से कोहिनूर हीरा वापस लाने या इसकी नीलामी पर रोक लगाने के लिए ऑर्डर जारी करने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा, "हम इस मामले में कोई आदेश नहीं दे सकते, सरकार को कोहिनूर लाने के लिए डिप्लोमैटिक तरीके सोचने चाहिए।" इसी के साथ कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई बंद करने का आदेश दिया। - सुप्रीम कोर्ट ने कोहिनूर हीरा वापस लाने से जुड़ी 2 पीआईएल पर शुक्रवार को सुनवाई की। इनमें भारत सरकार को इस बारे में दिशा-निर्देश देने की मांग की गई थी। - चीफ जस्टिस जेएस खेहर की अगुआई वाली बेंच ने पिटिशनर्स के वकीलों से कहा, "कोर्ट इस मामले में ज्यादा कुछ नहीं कर सकता, सरकार डिप्लोमैटिक तरीके खोजे, यह किसी सुपरविजन के तहत नहीं हो सकता। - "हम ब्रिटेन में होने वाली नीलामी को कैसे रोक सकते हैं या कैसे किसी देश को कुछ लौटाने का ऑर्डर दे सकते हैं? हम यह देखकर हैरान हैं कि अमेरिका और ब्रिटेन में मौजूद चीजों के लिए पिटीशंस दाखिल की जाती हैं।" कोर्ट ने और क्या कहा? - चीफ जस्टिस खेहर ने कहा, "सरकार ने अपने काउंटर एफिडेविट में कहा है कि वह कोहिनूर वापस लाने के लिए कदम उठा रही है। सरकार ने यह भी कहा है कि हालांकि कोहिनूर वापस लाना संभव नहीं है, लेकिन फिर भी वह रास्ते तलाश करना जारी रखेगी।" - "ये सही है कि ऐसा होना संभव नहीं है, लेकिन डिप्लोमैटिक चैनल के जरिए इसे संभव बनाया जा सकता है।" - मामले की सुनवाई करने वाली बेंच में जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एसके कौल भी शामिल थे। पिटिशंस एनजीओ ऑल इंडिया ह्यूमन राइट्स एंड सोशल जस्टिस फ्रंट और हेरिटेज बंगाल की तरफ से फाइल की गई थीं।


खराब खाने की शिकायत करने वाले बीएसएफ का जवान हुआ बर्खास्त, अब लड़़ेगा इंसाफ की लड़ाई
21-Apr-2017,10:22:22,kulshreshthaworld.com
बीएसएफ से बर्खास्त किए जा चुके जवान तेजबहादुर यादव गुरुवार को अपने घर रेवाड़ी पहुंचेगे. तेजबहादुर ने कहा कि वह इस मामले को लेकर सरकार से अपील करेंगे, अगर सरकार बात नहीं सुनती है तो वह कोर्ट जाएंगे. तेजबहादुर कोर्ट में वर्दी पहनकर ही अपने इंसाफ की लड़ाई लड़ेंगे. तेजबहादुर बोले कि वह अपनी सैलरी में किसी प्रकार की बढ़ोतरी नहीं चाहते हैं, बल्कि वह चाहते हैं कि बस जवानों को अच्छा खाना मिले और समय पर छुट्टियां मिलती रहे. उन्होंने कहा कि वह कोशिश करेंग कि इस मसले पर प्रधानमंत्री मोदी से मिलूं. मीडिया ने बचाई जान तेजबहादुर बोले कि पहले मुझे पेंशन और रिटायरमेंट के कागजात तैयार करने को कहा गया, लेकिन बाद में सीधा बर्खास्त कर दिया गया. अब मुझे किसी भी प्रकार की पेंशन या रिटायरमेंट का फायदा नहीं मिलेगा. उन्होंने कहा कि मेरे साथ सही तरीके से ट्रायल नहीं किया गया है, मैं अपने साथी को गवाह के तौर पर पेश करना चाहता था लेकिन ऐसा नहीं हो सका. तेजबहादुर बोले कि मेरे वीडियो डालने के बाद खाने में लगभग 70 प्रतिशत तक सुधार आ चुका है. मुझे लगा कि वे लोग मुझे मार देंगे, लेकिन मीडिया ने मेरी जान बचाई. नहीं की मंत्री ने मदद तेजबहादुर की पत्नी ने कहा कि हमें पूरे देश और रेवाड़ी से इस मुद्दे पर काफी समर्थन मिला है. उन्होंने कहा कि नेताओं ने हमारी उम्मीद को तोड़ा, वह केंद्रीय मंत्री इंद्रजीत राव से मुलाकात की थी. वह यहां से सांसद हैं, लेकिन उन्होंने कोई मदद नहीं की. तो वहीं तेजबहादुर के बेटे ने कहा कि वह कभी भी सेना में नहीं जाएगा. वहां काफी भ्रष्टाचार है, वह इंजीनियर बनना चाहता है. आपको बता दें कि बुधवार को बीएसएफ ने जवान तेजबहादुर यादव को बुधवार को बर्खास्त कर दिया था. जांच में पाया गया था कि तेजबहादुर यादव के कारण बीएसएफ की छवि को नुकसान पहुंचा है. आपको बता दें कि तेज बहादुर यादव ने कुछ समय पर सुरक्षा बलों को मिलने वाले खराब खाने का वीडियो सोशल मीडिया पर डाला था, जो कि वायरल हो गया था. वीडियो के वायरल होने के कारण इस मुद्दे पर काफी बवाल मचा था. क्या कहा पत्नी शर्मिला ने? तेजबहादुर यादव को बीएसएफ से बर्खास्त करने के फैसले पर तेजबहादुर यादव की पत्नी शर्मिला ने कहा सरकार ने काफी गलत किया है. उन्होंने बस वहां की स्थिति दर्शाया था. 20 साल से ऊपर की नौकरी के बाद बीएसएफ से बर्खास्त किए जाने का कदम काफी गलत है. क्या ने क्या लगाए थे आरोप? तेज बहादुर यादव ने वीडियो में आरोप लगाया था कि बीएसएफ जवानों को मिलने वाली दाल और परांठे की क्वालिटी बेहद खराब है. उनका कहना था कि कई बार जवानों को 11 घंटे बर्फ में खड़ा रहने के बाद भूखे पेट सोना पड़ता है. यादव का दावा था कि जवानों को मिलने वाले राशन में सीनियर अफसर धांधली कर रहे हैं. इसके बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जांच के आदेश दिए थे. बीएसएफ ने ये दी थी सफाई बीएसएफ ने गृह मंत्रालय को सौंपी गई शुरुआती रिपोर्ट में यादव के आरोपों को सिरे से खारिज किया था. हालांकि मामले की अंतिम रिपोर्ट अभी आनी बाकी है. लेकिन बीएसएफ ने गृह मंत्रालय को बताया है कि 29वीं बटालियन के किसी दूसरे जवान ने यादव के आरोपों की तस्दीक नहीं की थी.


बाबरी मस्जिद मामले में जोशी, आडवाणी उमा सहित 13 भाजपा नेताओं पर आज सुप्रीम कोर्ट सुना सकता है फैसला
19-Apr-2017,10:12:49,kulshreshthaworld.com
उच्चतम न्यायालय बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और उमा भारती समेत 13 भाजपा नेताओं के खिलाफ षड्यंत्र के आरोपों की बहाली की मांग वाली याचिका पर आज अपना फैसला (बुधवार, 19 अप्रैल) सुना सकती है. न्यायमूर्ति पी.सी. घोष और न्यायमूर्ति आर.एफ. नरीमन की पीठ यह फैसला सुना सकती है. 6 दिसंबर, 1992 को विवादित ढांचे को गिराने से संबंधित दो मामले हैं. पहला मामला अज्ञात कारसेवकों से जुड़ा है जिसकी सुनवाई लखनउ की एक अदालत में चल रही है, वहीं दूसरा सेट रायबरेली की एक अदालत में वीवीआईपी लोगों से जुड़े मामले का है. पीठ ने 6 अप्रैल को संकेत दिया था कि वह रायबरेली से मामले को लखनऊ की अदालत में स्थानांतरित करके मामलों के दो सेटों की संयुक्त सुनवाई का आदेश दे सकती है. पीठ ने यह भी कहा था कि चूंकि 25 साल गुजर चुके हैं, इसलिए वह न्याय के हित में दिन-प्रतिदिन के आधार पर समयबद्ध सुनवाई का आदेश देने पर विचार करेगी जिसे प्राथमिकता के साथ दो साल में पूरा किया जाएगा. आडवाणी और जोशी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता के के वेणुगोपाल ने संयुक्त सुनवाई के प्रस्ताव का और उनके मामले को रायबरेली से लखनउ को स्थानांतरित करने का पुरजोर विरोध किया था. सीबीआई ने साफ किया था कि वह वीवीआईपी आरोपियों पर मुकदमे के मुद्दे पर कोई दलील नहीं दे रही बल्कि खुद को उनके खिलाफ षड्यंत्र के आरोप को बहाल करने तक सीमित रख रही है. शीर्ष अदालत ने पहले आडवाणी, जोशी, उमा भारती और 10 अन्य लोगों के खिलाफ षड्यंत्र के आरोपों को हटाने के खिलाफ अपील का अध्ययन करने का फैसला किया था. दोनों प्राथमिकियों को मिलाने का आरोपियों के वकील ने इस आधार पर विरोध किया था कि दोनों मामलों में आरोपी के तौर पर विभिन्न लोग हैं, जिनमें सुनवाई दो अलग अलग जगहों पर अग्रिम स्तर पर है. उनका विचार है कि संयुक्त सुनवाई से नये सिरे से प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. इससे पहले मामले में आडवाणी, जोशी और उमा भारती समेत 13 आरोपियों के खिलाफ षड्यंत्र के आरोपों को वापस ले लिया गया था, जिसमें सुनवाई रायबरेली की एक विशेष अदालत में चल रही है.


अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मैकमास्टर भारत में, प्रधानमंत्री मोदी से की मुलाकात
18-Apr-2017,14:39:56,kulshreshthaworld.com
अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार लेफ्टिनेंट जनरल एच आर मैकमास्टर आज भारत दौरे पर हैं. मंगलवार सुबह उन्होंने भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मुलाकात की है. मैकमास्टर ने पीएम मोदी से भी मुलाकात की. मोदी से मुलाकात प्रधानमंत्री आवास पर हुई मुलाकात में दोनों देशों के बीच रिश्तों की समीक्षा की गई. मोदी और मैकमास्टर ने दक्षिण एशिया के ताजा हालात पर भी चर्चा की. बैठक में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, विदेश सचिव एस जयशंकर और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे. उठा आतंकवाद का मसला मैकमास्टर और डोभाल के बीच मुलाकात करीब 2 घंटे तक चली. सूत्रों के मुताबिक बैठक सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई. मीटिंग के दौरान भारत और अमेरिका के बीच सहयोग और आतंकवाद के मसले पर चर्चा हुई. दोनों देश सैन्य सहयोग बढ़ाने और आतंकवाद के खिलाफ जानकारी के आदान-प्रदान को बढ़ाने पर राजी हुए. इसके अलावा डोभाल और मैकमास्टर ने दक्षिण एशिया के सुरक्षा हालात पर भी बातचीत की. भारत ने दोहराया कि पाकिस्तान में पनप रहा आतंकवाद पूरे इलाके के लिए खतरा है. इसके अलावा उनका विदेशमंत्री सुषमा स्वराज, विदेश सचिव एस. जयशंकर और रक्षामंत्री अरुण जेटली से भी मिलने का कार्यक्रम है. मैकमास्टर का ये दौरा ऐसे वक्त आया है जब अमेरिकी सेना ने अफगानिस्तान के नंगरहार में आईएसआईएस आतंकियों के खिलाफ अपने सबसे बड़े बम का इस्तेमाल किया है. वहीं, दूसरी ओर भारत और पाकिस्तान के बीच कुलभूषण जाधव को लेकर तनाव बढ़ा है. ये देखना दिलचस्प होगा कि क्या भारत में मैकमास्टर से जाधव मसले पर कोई बयान देंगे. साथ ही अफगानिस्तान में रूस के बढ़ते दखल का मुद्दा भी मैकमास्टर उठा सकते हैं. पाकिस्तान को सुनाई थी दो-टूक मैकमास्टर भारत आने से पहले पाकिस्तान और अफगानिस्तान जा चुके हैं. दोनों देशों में उन्होंने वहां के उच्चाधिकरियों और नेताओं से मुलाकात की थी.एक अफगान चैनल को दिए इंटरव्यू में मैकमास्टर ने कहा था कि पाकिस्तान को अपने हितों की रक्षा के लिए आतंकियों का नहीं बल्कि डिप्लोमेसी का इस्तेमाल करना चाहिए. वहीं इस्लामाबाद में उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर समेत सभी मसलों को बातचीत से सुलझाने पर जोर दिया था.