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छात्र कल्याण समिति एवं अखिल भारतीय कुलश्रेष्ठ महासभा के सौजन्य से मेधावी विद्यार्थियों हेतु टेलेंट सर्च प्रतियोगिता आयोजित
01-Jul-2017,17:38:54,kulshreshthaworld.com
छात्र कल्याण समिति अ0भा0कु0म0 के सौजन्य से पिछले तीन वर्षो से निरन्तर कुलश्रेष्ठ समाज केमेघावी छात्र/छात्राओ हेतु टेलेन्ट सर्च प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है और उन्हे प्रतियोगिता मे प्राप्त मेरिट के आधार पर श्रीराम ग्रुप आफॅ कालेज,मुजफ्फरनगर मे विभिन्न स्नातक एवं परा स्नातक पाठयक्रम मे निःशुल्क अथवा अत्यन्त कम शुल्क पर प्रवेश देकर तकनीकी एवं व्यवसायिक शिक्षा प्रदान किये जाने का उल्लेखनीय कार्य किया जा रहा है। प्रतियोगिता के परिणाम आश्चर्यजनक रहे है इस प्रतियोगिता मे प्रवेश पाने वाले कुलश्रेष्ठ समाज के आर्थिक रूप से पिछडे परिवारो के नवयुवक यहां से डिगी्र प्राप्त करके अच्छी नौकरी प्राप्त कर अपने करियर निर्माण मे सफल रहे है। अतः छात्र कल्याण समिति अखिल भारतीय कुलश्रेष्ठ महासभा द्वारा इस प्रतियोगिता को जारी रखने और शैक्षिक सत्र 2017-18 हेतु आयोजित करने का निर्णय लिया गया है जिससे कि समाज के मेघावी और आर्थिक रूप से पिछडे विद्यार्थियो को निःशुल्क अथवा अत्यन्त कम शुल्क पर तकनीकी/व्यवसायिक शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराये जा सके,और ’केरियर गाइडेन्स’ सेमिनार के माध्यम स युवाओ को उनके केरियर के लिए मार्गदर्शन प्रदान किया का सके। श्रीराम ग्रुप अॅाफ कॅालेजेज मुजफ्फरनगर मे निम्नलिखित पाठ्यक्रम संचालित है- स्नातक/डिप्लोमा स्तर पर उपलब्ध पाठ्यक्रमः- b. tech (me ce eee&c cse) b arch polytechnic(me ce ee e&c) bsc bio technology, bsc microbiology bsc homescience bsc PCM bsc CBZ bcaBFA BPES BJMC BALLB LLB BCOM BPED उपरोक्त पाठ्यक्रम मे कुल 10 विद्यार्थियो को निःशुल्क तथा 20 विद्यार्थियो को अर्द्धशुल्क पर प्रवेश दिया जायेगा। परास्नातक स्तर पर उपलब्ध पाठ्यक्रमः- MBA MCA PGDM MSC Bio TechnologyMsc Microbiology Msc Computer Science Msc FOOD-7 Nutrition Msc Clothing 7 Textile Msc Home Management MFA Fashion MFA Com-Arts MJMC Mcom MED MP ED उपरोक्त पाठ्यक्रम मे कुल 10 विद्यार्थियो को निःशुल्क तथा 20 विद्यार्थियो को अर्द्धशुल्क पर प्रवेश दिया जाएगा। विद्यार्थियो द्वारा पाठ्यक्रम का चयन ’टेलेन्ट सर्च’ परीक्षा मे प्राप्त अंको से बनी मेरिट लिस्ट के आधार पर किया जाएगा। स्नातक एवं परास्नातक पाठ्यक्रमो हेतु अलग-अलग मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी। प्रत्येक मेरिट लिस्ट मे स्थान पाने वाले पाँच-पाँच विद्यार्थियो को छात्रावास अर्द्धशुल्क पर उपलब्ध कराया जाएगा। टेलेन्ट सर्च कार्यक्रम का आयोजनः- यह प्रतियोगिता 16 जुलाई 2017 दिन रविवार को दोपहर 12ः00 बजे कुलश्रेष्ठ भवन,शाहगंज आगरा मे आयोजित की जाएगी। यदि अन्य शहरो से समुचित सख्ंया मे आवेदन पत्र प्रा्रप्त होते है,तो वहां भी परीक्षा केन्द्र स्थापित किया जा सकता है। जिसका प्रस्ताव स्थानीय कुलश्रेष्ठ सभा छात्र कल्याण समिति को भेज सकती है। प्रतियोगिता मे एक घटें का वस्तुनिष्ठ प्रश्नपत्र स्नातक पाठ्यक्रमो तथा परास्नातक पाठ्यक्रमो मे प्रवेश लेने वाले अभ्यर्थीयो के लिए पृथक-पृथक होगा। जिसमे एप्टीट्यूड रिजनिंग एनालोजिस नम्बर सीरीज कॉज एण्ड इफेक्ट,सिनोनिम्स ,एन्टोनिम्स,आइडिओम्स,एण्ड पैरास हिस्टी जियोग्राफी,जनरल साइंस जनरल नॉलेज, आदि से संबंधित प्रश्न होंगे। प्रतियोगिता में भाग लेने के इच्छुक विद्यार्थी आवेदन पत्र को भरकर श्री संकल्प कुलश्रेष्ठ सचिव श्री राम चेरिटेबल ट्रस्ट 1298 सरकुलर रोड मुजफ्फर नगर 251001 उत्तरप्रदेश के नाम डाक अथवा ईमेल के माध्यम से भेज सकते हैं। ईमेल आईडी srgcabkmswc@gmail.com पर दिनांक 13 जुलाई तक आप अपने आवेदन भेज सकते हैं। आवेदन पत्र वेबसाइट www.srgcmzn.com पर भी उपलब्ध हैं। यह प्रतियोगिता पूर्णतः निशुल्क हैं। टेलेंट सर्च परीक्षा के दिन ही कुलश्रेष्ठ भवन शाहगंज आगरा में एक कैरियर गाइडेंस विषय पर सेमिनार आयोजित किया जाएगा। जिसमें काउंसलिंग के द्वारा विभिन्न छात्र छात्राओं को भीन्न भीन्न पाठ्यक्रमों की प्रतियोगिता तथा संभावित रोजगार के अवसर एवं भविष्य में किन पाठ्यक्रमों का महत्व होगाआदि महत्वपूर्ण्ज्ञ जानकारी दी जाएगी। अतः सभी कुलश्रेष्ठ सभाओं एवं कुलश्रेष्ठ परिवारों से आग्रह हैं कि समाज हित में इस कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान प्रदान करने का कष्ट करेंगे।


GST आधी रात को होगा लॉन्च, कांग्रेस करेगी समारोह का बहिष्कार
30-Jun-2017,12:47:48,kulshreshthaworld.com
नई दिल्ली: संसद के सेंट्रल हॉल में शुक्रवार रात 11 बजे जीएसटी लॉन्च से जुड़ा कार्यक्रम होगा, जो आधी रात 12 बजे के बाद तक चलेगा. इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, पीएम मोदी, पूर्व पीएम एच डी देवेगौड़ा, सभी कैबिनेट मंत्री और राज्यों के वित्त मंत्री शामिल होंगे, हालांकि कांग्रेस इसका बहिष्कार करेगी. कांग्रेस का कहना है कि ये सिर्फ सरकार के प्रचार का शगूफ़ा है. कांग्रेस ने जीएसटी लागू करने के लिए पूरी तैयारी नहीं होने का भी आरोप लगाया. वहीं लेफ़्ट और टीएमसी भी इस समारोह से दूर रहेंगी. जीएसटी के विशेष कार्यक्रम के लिए कई विशिष्ट व्यक्तियों को निमंत्रित किया गया है. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, सभी राज्यों के वित्त मंत्री, जीएसटी परिषद के सदस्य, आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल, आरबीआई के पूर्व गवर्नर सी रंगराजन, वाईवी रेड्डी, डी सुब्बाराव, बिमल जालान, सुप्रीम कोर्ट के चीफ़ जस्टिस और अन्य जज, हाई कोर्ट के चीफ़ जस्टिस, मशहूर वक़ील सोली सोराबजी, केके वेणुगोपाल, हरीश साल्वे, केके वेणुगोपाल, सीआईआई, फ़िक्की, एसोचैम के प्रमुख, पूर्व सीएजी टीएन चतुर्वेदी, विनोद राय, मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम ज़ैदी, आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद पानगढिया, जीएसटी पेनल के पूर्व अध्यक्ष सुशील मोदी और अब्दुल रहीम राथेर, सीएजी शशिकांत शर्मा, सीवीसी केवी चौधरी और यूपीएससी अध्यक्ष, मशहूर कृषि वैज्ञानिक एमएस स्वामीनाथन, अकाली दल प्रमुख प्रकाश सिंह बादल और सौ से भी ज्यादा विशिष्ट व्यक्तियों को निमंत्रण भेजे गए. सभी सांसदों को भी आमंत्रित किया गया है. पार्टी द्वारा गुरुवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने आधी रात के कार्यक्रम को गरिमा के खिलाफ बताया. आजाद ने कहा कि जीएसटी समारोह ठीक नहीं. मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए आजाद ने कहा कि जीडीपी गिरावट पर सरकार का कोई ध्यान नही है. सरकार बहरी है, उसे चीख पुकार सुनाई नहीं देती. कांग्रेस के साथ ही कुछ अन्य दलों ने भी इस समारोह में शामिल नहीं होने का फैसला किया है. तृणमूल कांग्रेस ने भी साफ कर दिया है कि पार्टी समारोह में हिस्सा नहीं लेगी. कांग्रेस के इस कदम से साफ हो गया है कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी इस कार्यक्रम में हिस्‍सा नहीं लेंगे. यह इसलिए अहम है क्‍योंकि मंच पर पीएम और राष्‍ट्रपति के अलावा दो पूर्व प्रधानमंत्रियों को भी आमंत्रित किया गया था. उन्होंने कहा, वाजपेयी सरकार में वित्त मंत्री रहे यशवंत सिन्हा से लेकर राष्ट्रपति बनने से पहले वित्त मंत्री के रूप में मेरे कार्यकाल तक हमने जीएसटी के लिए प्रयास किया. मैंने जीएसटी के लिए साल 2011 में एक संविधान संशोधन विधेयक पेश किया. लेकिन वह आगे नहीं बढ़ सका. राष्ट्रपति ने बजट सत्र को फरवरी के पहले दिन से शुरू करने तथा रेलवे बजट सहित स्वतंत्र भारत का पहला संयुक्त बजट पेश करने के लिए मोदी सरकार की प्रशंसा की. (इनपुट्स IANS से भी)


रामनाथ कोविंद आज भरेंगे राष्ट्रपति पद का नामांकन, पीएम मोदी और अमित शाह भी रहेंगे मौजूद
23-Jun-2017,15:57:03,kulshreshthaworld.com
राष्ट्रपति चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की तरफ से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद शुक्रवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष अमित शाह तथा राजग शासित राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद रहेंगे। लोकसभा सचिवालय द्वारा गुरुवार को जारी एक बयान के मुताबिक, “रामनाथ कोविंद पूर्वाह्न 11.45 बजे संसद भवन में अपना नामांकन दाखिल करेंगे।” भाजपा सूत्रों ने कहा कि नामांकन पत्र के चार सेट तैयार किए गए हैं, जिनपर मोदी, शाह, तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) अध्यक्ष व आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन.चंद्रबाबू नायडू तथा पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के हस्ताक्षर होंगे। 17 जुलाई को होने वाले चुनाव में कोविंद की जीत तय मानी जा रही है, हालांकि मुकाबला होना तय है। विपक्षी पार्टियों ने गुरुवार को लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष मीरा कुमार को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किया। शिवसेना तथा जम्मू एवं कश्मीर की पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) सहित राजग के पास सांसदों व विधायकों के इलेक्टोरल कॉलेज का 48.93 फीसदी समर्थन है। गठबंधन से बाहर की पार्टियों जैसे तेलंगाना राष्ट्र समिति (2 फीसदी), ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (5.39 फीसदी), वाईएसआर कांग्रेस (1.53 फीसदी), बीजू जनता दल (2.99 फीसदी), जनता दल (युनाइटेड) के 1.91 फीसदी मतों को मिलाकर राजग आधा मत आसानी से प्राप्त कर लेगा।


31 दिसंबर तक बैंक खातों से आधार जोड़ना हुआ जरूरी, नहीं तो खाता हो जाएगा अवैध
17-Jun-2017,13:30:26,kulshreshthaworld.com
सरकार ने शुक्रवार को अहम ऐलान करते हुए कहा कि बैंक खाता खोलने तथा 50,000 रुपये या उससे अधिक के वित्तीय लेन-देन के लिए आधार नंबर अब अनिवार्य होगा सभी वर्तमान बैंक खाताधारकों को 31 दिसंबर, 2017 तक आधार क्रमांक जमा करने को कहा गया है ऐसा नहीं करने पर उनके खाते अवैध हो जाएंगे आधार संख्या व्यक्ति की जैविक पहचान से भी जोड़ी गयी है राजस्व विभाग की अधिसूचना के अनुसार सभी वर्तमान बैंक खाताधारकों को भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण द्वारा जारी आधार संख्या को 31 दिसंबर, 2017 तक जमा करने को कहा गया है, ऐसा नहीं करने पर उनके खाते क्रियाशील नहीं रहेंगे जानिए इससे जुड़ी खास बातें सरकार ने 2017-18 के बजट में पहले ही आधार को (आयकर) स्थायी खाता संख्या (पैन) के साथ जोड़ने को आवश्यक बना दिया था ताकि लोग कर से बचने के लिए एक से ज्यादा पैन कार्डों का इस्तेमाल नहीं कर सकें धन-शोधन रोधी (रिकॉर्ड का रखरखाव) रोकथाम नियमावली, 2005 को संशोधित कर जारी की गयी अधिसूचना में व्यक्तियों, कंपनियों या भागदारी कंपनियों द्वारा 50000 रुपये या उससे अधिक के लेन-देन के लिए आधार के साथ-साथ पैन नंबर या फार्म नंबर 60 देना अनिवार्य बनाया गया है छोटे खातों के लिए नियमों को कड़ा करते हुए संशोधन में कहा गया है कि अपने ग्राहक को जानों (केवाईसी) दस्तावेज को जमा कराए बिना और अधिकतम 50000 रुपये जमा वाले खाते बैंकों को केवल उन शाखाओं में खोले जा सकते हैं जहां कोर बैंकिंग सोल्युशन हैं नए नियमों के अनुसार- ऐसे खाते उसी शाखा में खोले जा सकते हैं, जहां कर्मचारी उसकी निगरानी कर सकें और यह सुनिश्चित कर सकें कि विदेश से ऐसे खातों में पैसे न भेजे जाएं उन खातों में महीने और साल में लेन-देन की निर्धारित सीमा का पालन हो तथा बैलेंस का उल्लंघन न हो ऐसे खाते शुरू में 12 महीने तक चालू रहेंगे और उसके बाद यदि खाताधारक इस बात का सबूत देता है कि उसने आधिकारिक वैध सत्यापन दस्तावेज के लिए आवेदन किया है तब उसे और 12 महीने का वक्त दिया जा सकता है नियमों में कहा गया है छोटे खाते की निगरानी की जाएगी और जब भी यदि धनशोधन या आतंकवाद के वित्त पोषण या अन्य किसी बड़े जोखिम परिदृश्य का संदेह होगा तो दावे की पहचान आधिकारिक वैध दस्तावेजों की पेशी कर की जाएगी संशोधन में एक जून से व्यक्तियों कंपनियों या भागदारी कंपनियों द्वारा 50000 रुपये या उससे अधिक के लेन-देन करने पैन या फार्म नंबर 60 के साथ आधार का उल्लेख करना आवश्यक बनाया गया है यदि खाता खोलने के समय आधार क्रमांक नहीं होगा तो आवेदक को आधार के लिए किये गये आवेदन का सबूत दिखाना होगा और खाता खुल जाने के छह महीने के अंदर आधार क्रमांक जमा करना होगा


श्री कुलश्रेष्ठ युवा शाखा आगरा द्वारा रक्तदान शिविर का आयोजन
17-May-2017,12:35:21,kulshreshthaworld.com
श्री कुलश्रेष्ठ सभा युवा शाखा आगरा द्वारा 21 मई 2017 को रक्तदान शिविर का आयोजन समर्पण रक्त बैंक दिल्ली गेट आगरा में किया जा रहा हैं। श्री कुलश्रेष्ठ सभा युवा शाखा आगरा के अध्यक्ष मनोज कुलश्रेष्ठ राजू , सचिव श्री आलोक कुलश्रेष्ठ एवं अखिल भारतीय कुलश्रेष्ठ महासभा सुवा विंग के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मनोज कुलश्रेष्ठ ने अपील की हैं कि अधिक से अधिक लोग इस सराहनीय कार्य में भाग लेकर रक्त दान में सहयोग करें। रक्तदान शिविर 21 मई 2017 को सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक आयोजित किया जाएगा। श्री कुलश्रेष्ठ सभा युवा शाखा आगरा द्वारा सभी इच्छुक लोगों को रक्तदान करने एवं रक्तदान जीवन अभियान दान में स्वेच्छा से भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया हैं। आयोजन से संबंधित अधिक जानकारी के लिए निचे दिए गए नंबर पर संपर्क किया जा सकता हैं। मनोज कुलश्रेष्ठ राजू 9927027774 आलोक कुलश्रेष्ठ 9456800604 मनोज कुलश्रेष्ठ राका 9927737777


अखिल भारतीय कुलश्रेष्ठ संघ के परिवार द्वारा दिल्ली के इंडिया गेट पर शहीद लेफ्टिनेंट को श्रद्धांजली
15-May-2017,13:24:13,kulshreshthaworld.com
शहीद की फोटो के सामने कैंडल लगा सभी ने शहीद लेफ्टिनेंट को श्रद्धांजली अर्पित की। अखिल भारतीय कुलश्रेष्ठ संघ के परिवार ने मिलकर मिलन 13/05/2017 को राजपथ इंडिया गेट दिल्ली में मनाया। शहीद लेफ्टिनेंट उमर फयाज को श्रद्धांजलि देने के लिए एबीकेएस बैनर के तहत एक कार्यक्रम आयोजित कर दिल्ली के इंडिया गेट पर कैंडललाइट मार्च निकाला गया। शहीद को श्रद्धांजली देने के लिए निकाले गए कैंडलमार्च में में कुलश्रेष्ठ समाज के कई सम्माननीय लोग शामिल हुए। कार्यक्रम में बच्चों से लेकर बड़ों ने बढ़ चढ़ कर भाग लिया। शहीद लेफ्टिनेंट उमर फयाज को श्रद्धांजली देने के लिए समाजजन हाथ में कैंडल लिए इंडिया गेट पर एकत्रित हुए। शहीद की फोटो के सामने कैंडल लगा सभी ने शहीद लेफ्टिनेंट को श्रद्धांजली अर्पित की। यह जानकारी अखिल भारतीय कुलश्रेष्ठ सभा के महासचिन श्री विवेक कुलश्रेष्ठ ने दी।


श्री कुलश्रेष्ठ सभा युवा शाखा आगरा द्वारा रक्तदान शिविर आयोजित
12-May-2017,11:20:22,kulshreshthaworld.com
भारत में पहली बार अखिल भारतीय कुलश्रेष्ठ महासभा की यूथ विंग इस रविवार mothers day celebrate कर रही है जिसका मुख्य मक़सद माँ के प्रति अपनी भावनाओं को दर्शाना है। श्री कुलश्रेष्ठ सभा युवा शाखा आगरा द्वारा दिनांक 21 मई 2017 रविवार को सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक समर्पण ब्लड बैंक आगरा पर रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा हैं। अखिल भारतीय कुलश्रेष्ठ महासभा युवा शाखा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मनोज कुलश्रेष्ठ , श्री कुलश्रेष्ठ सभा युवा शाखा आगरा के महासचिव कुलदीप कुलश्रेष्ठ , सचिव आलोक कुलश्रेष्ठ, अध्यक्ष अशोक प्रकाश कुलश्रेष्ठ, एवं मनोज कुलश्रेष्ठ ने सभी नागरिकों से निवेदन किया हैं कि वे उक्त कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर रक्तदान में सहयोग प्रदान करें। हम आपको यह भी बता दें कि यह हमारा एक छोटा सा प्रयास है।समाज में जागृति लाने और समाज के सभी लोगों को एक नयी सोच के साथ मिलकर आगे बढ़ने का मौक़ा हमें बार बार कहाँ मिल पाता है हमें उम्मीद ही नहीं पूरा विश्वास है कि आप सभी इस मुहिम का हिस्सा ज़रूर बनेंगे।


तीन तलाक मुद्दे पर पीएम मोदी ने की मुस्लिम नेताओं से अपील, ‘ न होने दे तीन तलाक का राजनीतिकरण’
10-May-2017,14:14:12,kulshreshthaworld.com
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुस्लिम समुदाय से अपील की है कि वो तीन तलाक के मसले पर राजनीतिक रंग ना चढ़ने दे मोदी ने मंगलवार को मुस्लिम संगठन जमात ए उलेमा ए हिंद के 25 नेताओं से मुलाकात की. तीन तलाक पर नसीहत मुलाकात के बाद पीएमओ की ओर से जारी बयान में कहा गया तीन तलाक के मुद्दे पर प्रधानमंत्री ने दोहराया कि मुस्लिम समुदाय को इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं होने देना चाहिए और उन्होंने मौजूद सभी नेताओं से इस संबंध में सुधार शुरू करने की जिम्मेदारी लेने के लिए कहा पीएमओ की विज्ञप्ति के मुताबिक मुस्लिम नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने इस मुद्दे पर पीएम के रुख की तारीफ की कश्मीर के हालात पर चिंता बैठक में मुस्लिम नेताओं ने कश्मीर के ताजा हालात पर चिंता जाहिर की. मुस्लिम नेताओं का मानना था कि सिर्फ प्रधानमंत्री ही इस मसले का हल निकाल सकते हैं. प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि मुस्लिम समुदाय नया भारत बनाने में बराबर की साझेदारी निभाना चाहता है टीम के सदस्यों ने माना कि आतंकवाद एक बड़ी चुनौती है और इससे निपटने का संकल्प दोहराया कौमी एकता पर जोर बैठक के दौरान मोदी ने कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत सद्भाव और मेलजोल है और लोगों के बीच भेदभाव करने का हक सरकार के पास नहीं है. पीएम ने विविधता में एकता को भारत की खासियत बताया और कहा कि देश की नई पीढ़ी को दुनिया में बढ़ते चरमपंथ का शिकार बनने की मंजूरी नहीं देनी चाहिए. प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों का मानना था कि देश की सुरक्षा से किसी भी कीमत पर समझौता ना करना मुस्लिम समुदाय की जिम्मेदारी है. पीएमओ के बयान के मुताबिक प्रतिनिधिमंडल में मौजूद नेताओं ने कहा कि मुस्लिम समुदाय भारत के खिलाफ किसी भी साजिश को कभी भी सफल नहीं होने देगा. अजीत डोभाल का संदेश प्रतिनिधिमंडल का स्वागत राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने किया. उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया भारत की तरफ देख रही है और ये समाज के हर तबके की जिम्मेदारी है कि वो देश को आगे ले जाए. जमात-ए-उलेमा-ए-हिंद के दल में संगठन के अध्यक्ष मौलाना कारी सैयद मोहम्मद उस्मान मनसूरपुरी संस्था के महासचिव मौलाना महमूद ए मदनी, मुंबई के अंजुमन ए इस्लाम के अध्यक्ष जहीर आई. काजी शिक्षाविद् अख्तरुल वासे तथा मौलाना बदरुद्दीन अजमल भी शामिल थे.


लालू प्रसाद यादव पर चलेगा आपराधिक साजिश का केस, सुप्रीम कोर्ट ने चारा घोटाला केस में दिया फैसला
09-May-2017,13:04:17,kulshreshthaworld.com
पटना: 950 करोड रुपये के चारा घोटाला मामले में आरजेडी प्रमुख लालू यादव और अन्य पर से आपराधिक साजिश और अन्य धाराएं हटाये जाने के खिलाफ CBI की दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला सुना दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में लालू यादव पर इस मामले में आपराधिक साजिश का केस चलाने की इजाजत दे दी है. कोर्ट ने 9 महीनों में सुनवाई पूरी करने का आदेश दिया है. सुप्रीम कोर्ट ये भी तय कर दिया कि चारा घोटाले से जुडे अलग अलग मामले चलते रहेंगे. इस मामले में लालू यादव समेत 45 अन्य नेताओं पर केस चलेंगे. लालू यादव की ओर से राम जेठमलानी पेश हुए थे और केस खारिज करने की मांग की थी. उन्होंने सीबीआई की दलील को खारिज कर दिया था. वहीं कोर्ट ने सीबीआई को भी मामले में देरी करने पर फटकार लगाई. साथ ही झारखंड हाईकोर्ट को भी कानून के तय नियमों का पालन नहीं करने पर लताड़ लगाई. दरअसल, झारखंड हाईकोर्ट ने नवंबर 2014 में लालू को राहत देते हुए उन पर लगे घोटाले की साजिश रचने और IPC 420ठगी, 409 क्रिमिनल ब्रीच आफ ट्रस्ट और प्रिवेंशन आफ करप्शन के आरोप हटा दिए थे. हाईकोर्ट ने फैसले में कहा था कि एक ही अपराध के लिए किसी व्यक्ति को दो बार सजा नहीं दी जा सकती है. हालांकि हाईकोर्ट ने फैसले में यह भी कहा गया कि लालू यादव के खिलाफ आईपीसी की दो अन्य धाराओं के तहत मुकदमा जारी रहेगा.इस फैसले के आठ महीने बाद सीबीआई ने झारखंड हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ जुलाई में सुप्रीम कोर्ट में अपील दाखिल की थी.सुनवाई के दौरान लालू प्रसाद यादव की तरफ राम जेठमलानी ने कहा कि सभी मामलों में आरोप एक जैसे है इसलिए मामले को लेकर दर्ज किये गए अलग अलग केसों को सुनने की जरूरत नहीं. वही सीबीआई की तरफ से SG रंजीत कुमार ने कहा कि लालू प्रसाद के खिलाफ 6 अलग अलग मामले दर्ज हैं जिनमें से 1 मामले में वो दोषी करार दिए गए है और मामला हाई कोर्ट में लंबित है. सीबीआई की तरफ से रंजीत कुमार ने ये भी कहा कि सभी मामलों में साल, रिश्वत की रकम और ट्रांजेक्शन अलग अलग है इस लिए सभी मामलों को एक जैसा नहीं देखा जा सकता. चारा घोटाला मामले में आरजेडी प्रमुख लालू यादव और अन्य पर से कुछ धाराएं हटाये जाने के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट नेसुनवाई कर 20 अप्रैल को आदेश सुरक्षित रख लिया था.करीब950 करोड़ के चारा घोटाले के आरसी/20ए/96केस में लालू प्रसाद यादव के अलावा बिहार के पूर्व सीएम जगन्नाथ मिश्र, जेडीयू सांसद जगदीश शर्मा समेत 45 आरोपी हैं। इस सभी पर चाईबासा कोषागार से 37.7 करोड़ रुपये की अवैध निकासी का आरोप है.चारा घोटाला 1990 से लेकर 1997 के बीच बिहार के पशुपालन विभाग में अलग-अलग जिलों में लगभग 1,000 करोड़ रुपये के गबन से जुड़ा है. इस दौरान लालू प्रसाद यादव बिहार के मुख्यमंत्री थे. सीबीआई ने अपनी हालिया अपील में हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें लालू प्रसाद यादव के खिलाफ ट्रायल कोर्ट में केवल दो धाराओं के तहत सुनवाई को मंजूरी दी गई थी, जबकि अन्य आरोपों को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि एक अपराध के लिए किसी व्यक्ति का दो बार ट्रायल नहीं हो सकता. झारखंड हाईकोर्ट ने आदेश दिया था कि भारतीय दंड संहिता की धारा-201(अपराध के साक्ष्य मिटाना और गलत सूचना देना ) और धारा-511 (ऐसा अपराध करने की कोशिश करना, जिसमें आजीवन कारावास या कारावास की सजा सकती है ) के तहत लालू प्रसाद यादव के खिलाफ मामले की सुनवाई चलती रहेगी.


फांसी की सजा ने किया निर्भया के दोषियों को विचलित, जेल प्रशासन को लेना पड़ी चिकित्सकों की मदद
08-May-2017,11:35:32,kulshreshthaworld.com
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद निर्भया गैंगरेप के चारों दोषियों को अब फांसी का डर सता रहा है. उन पर निगरानी बढ़ा दी गई है. दोषियों के ऊपर लगाई गई टू लेयर मॉनिटरिंग को थ्री लेयर कर दिया गया है. साथ ही चारों दोषियों पर नजर रखने के लिए तमिलनाडु स्पेशल पुलिस के जवानों को भी तैनात किया गया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीते शुक्रवार चारों दोषियों को जैसे ही टीवी के जरिए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बारे में पता चला, वह बेचैन हो गए. चारों को फांसी की सजा को उम्रकैद में बदले जाने की उम्मीद थी. जिसके बाद इनकी चुप्पी को देखते हुए जेल प्रशासन ने तीन सीनियर डॉक्टरों की मदद से उनकी काउंसिलिंग करवाई. बताते चलें कि चारों की फांसी की सजा बरकरार रखे जाने के फैसले से जेल के दूसरे कैदी खुश थे. दोषियों की मनोदशा को देखते हुए तिहाड़ प्रशासन ने इन पर निगेहबानी का पहरा कड़ा कर दिया. अधिकारियों के अनुसार, निगरानी बढ़ाए जाने के दो कारण है. पहला, फांसी की सजा मिलने के बाद दोषी खुदकुशी की कोशिश न करें. दूसरा, ये कहीं जेल से न भाग जाए. अधिकारियों ने बताया कि जेल नंबर-4 में बंद केस के एक दोषी विनय शर्मा ने दीवार पर अपना सिर मारकर खुद को घायल करने की कोशिश की थी. इसके बाद इसे जेल नंबर-4 से जेल नंबर-7 के हाई सिक्योरिटी वॉर्ड में शिफ्ट कर दिया गया. बाकी तीनों दोषियों को जेल नंबर-2 में रखा गया है. गौरतलब है, विनय इससे पहले भी खुदकुशी की कोशिश कर चुका है. फिलहाल तमिलनाडु स्पेशल पुलिस के जवान इन पर 24 घंटे पहरा दे रहे हैं.


महिला पत्थरबाजों को काबू में करने तैनात होगी महिला बटालियन
28-Apr-2017,12:41:43,kulshreshthaworld.com
जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों पर पत्थरबाजी जैसी घटनाओं को रोकने के लिए सरकार पुलिस विभाग में करीब 1,000 महिलाओं की भर्ती करेगी। ये महिला पुलिसकर्मी केंद्र सरकार की नवगठित पांच भारतीय रिजर्व बटालियनों (आईआरबी) का हिस्सा होंगी। इसके लिए केंद्र पहले ही अपनी मंजूरी दे चुका है। केंद्र सरकार की रिजर्व बटालियनों में भर्ती होने वाले पुलिसकर्मियों की तैनाती उनके गृह राज्य में ही की जाती है। देश में कुल 144 रिजर्व बटालियनें हैं। इनमें चार-चार बटालियन नक्सल हिसा प्रभावित 12 प्रदेशों में पहले से ही तैनात हैं। गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया, "पांच बटालियनों में 5,000 पुलिसकर्मियों की भर्ती की जानी है। इसके लिए जम्मू-कश्मीर के लगभग 1.40 लाख युवाओं ने आवेदन किया है। इनमें 40 प्रतिशत आवेदन कश्मीर घाटी से आए हैं। बटालियनों में भर्ती का उद्देश्य स्थानीय युवाओं को रोजगार देना है। इसमें 60 पद सूबे के सीमावर्ती क्षेत्रों के आवेदकों के लिए आरक्षित हैं।" अधिकारी के अनुसार, "महिला पुलिसकर्मियों को मुख्य रूप से कश्मीर घाटी में पथराव और कानून व्यवस्था से जुड़ी ड्यूटी में तैनात किया जाएगा।" सूबे के लिए 19,000 करोड़ रुपए जारी अधिकारी ने बताया, "गृह मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा की गई। हालांकि बैठक का एजेंडा मोदी सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर में विकास परियोजनाओं के लिए 2015 में घोषित 80,000 करोड़ रुपए के पैकेज पर चर्चा करना था।" अधिकारी ने बताया कि इस पैकेज में से 19,000 करोड़ रुपए जारी कर दिए गए हैं। बैठक में विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों, विभागों और राज्य सरकार के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।


बिल गेट्स ने मोदी के भारत में स्वच्छता अभियान की की सराहना
26-Apr-2017,12:53:21,kulshreshthaworld.com
माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ में जमकर कसीदे पढ़ें हैं. एक ब्लॉग में गेट्स ने लिखा कि पिछले तीन वर्षों में स्वच्छता और खुले में शौच को लेकर मोदी के ओर से उठाए गए कदम काफी सराहनीय हैं. बिल ने अपने ब्लॉग में लिखा कि पीएम मोदी ने ऐसी समस्या को उठाया है, जिसके बारे में हम सोचना भी पसंद नहीं करते हैं. बिल गेट्स ने लिखा कि पिछले तीन सालों में पीएम ने जन स्वास्थय को लेकर साहसिक टिप्पणी की है, जो अभी तक हमनें किसी निर्वाचित सदस्यों के मुंह से नहीं सुना है. और अब इसका काफी असर देखने को मिल रहा है. गेट्स ने मोदी की तारीफ में कहा कि पीएम मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ही अपने पहले संबोधन में इसके बारे में कहा था. बिल गेट्स ने अपने ब्लॉग में मोदी के भाषण का अंश भी डाला, गेट्स ने लिखा कि हम 21वीं सदी में रह रहे हैं, क्या हमें कभी इस बात को लेकर तकलीफ महसूस हुई कि हमारी माताएं और बहनें खुले में शौच करने को मजबूर हैं? गांव की गरीब महिलाएं रात के अंधेरे का इंतजार करती हैं ताकि वे शौच के लिए जा सकें. भाषण के साथ काम भी किया ब्लॉग में उन्होंने कहा कि मेरे ख्याल से अभी तक किसी अन्य बड़े नेता ने इस तरह ऐसे मुद्दे को नहीं उठाया है. उन्होंने लिखा कि मोदी ने सिर्फ भाषण नहीं दिया बल्कि उसपर काम भी किया है. पीएम ने स्वच्छ भारत अभियान के तहत 2019 तक लगभग 7.5 करोड़ शौचालय बनाने का है. और इस पर लगातार काम भी चल रहा है. आपको बता दें कि भारत सरकार लगातार स्वच्छता के मुद्दे पर ध्यान दे रही है. पीएम मोदी के नेतृत्व में लगातार खुले में शौच को खत्म करने को लेकर तेज अभियान छेड़ा है.


कोहिनूर हीरे पर सुप्रीम कोर्ट ने दिया फैसला, हम नहीं ला सकते कोहिनूर वापस, वैकल्पिक रास्ते खोजें !
22-Apr-2017,10:32:20,kulshreshthaworld.com
सुप्रीम कोर्ट ने यूके से कोहिनूर हीरा वापस लाने या इसकी नीलामी पर रोक लगाने के लिए ऑर्डर जारी करने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा, "हम इस मामले में कोई आदेश नहीं दे सकते, सरकार को कोहिनूर लाने के लिए डिप्लोमैटिक तरीके सोचने चाहिए।" इसी के साथ कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई बंद करने का आदेश दिया। - सुप्रीम कोर्ट ने कोहिनूर हीरा वापस लाने से जुड़ी 2 पीआईएल पर शुक्रवार को सुनवाई की। इनमें भारत सरकार को इस बारे में दिशा-निर्देश देने की मांग की गई थी। - चीफ जस्टिस जेएस खेहर की अगुआई वाली बेंच ने पिटिशनर्स के वकीलों से कहा, "कोर्ट इस मामले में ज्यादा कुछ नहीं कर सकता, सरकार डिप्लोमैटिक तरीके खोजे, यह किसी सुपरविजन के तहत नहीं हो सकता। - "हम ब्रिटेन में होने वाली नीलामी को कैसे रोक सकते हैं या कैसे किसी देश को कुछ लौटाने का ऑर्डर दे सकते हैं? हम यह देखकर हैरान हैं कि अमेरिका और ब्रिटेन में मौजूद चीजों के लिए पिटीशंस दाखिल की जाती हैं।" कोर्ट ने और क्या कहा? - चीफ जस्टिस खेहर ने कहा, "सरकार ने अपने काउंटर एफिडेविट में कहा है कि वह कोहिनूर वापस लाने के लिए कदम उठा रही है। सरकार ने यह भी कहा है कि हालांकि कोहिनूर वापस लाना संभव नहीं है, लेकिन फिर भी वह रास्ते तलाश करना जारी रखेगी।" - "ये सही है कि ऐसा होना संभव नहीं है, लेकिन डिप्लोमैटिक चैनल के जरिए इसे संभव बनाया जा सकता है।" - मामले की सुनवाई करने वाली बेंच में जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एसके कौल भी शामिल थे। पिटिशंस एनजीओ ऑल इंडिया ह्यूमन राइट्स एंड सोशल जस्टिस फ्रंट और हेरिटेज बंगाल की तरफ से फाइल की गई थीं।


खराब खाने की शिकायत करने वाले बीएसएफ का जवान हुआ बर्खास्त, अब लड़़ेगा इंसाफ की लड़ाई
21-Apr-2017,10:22:22,kulshreshthaworld.com
बीएसएफ से बर्खास्त किए जा चुके जवान तेजबहादुर यादव गुरुवार को अपने घर रेवाड़ी पहुंचेगे. तेजबहादुर ने कहा कि वह इस मामले को लेकर सरकार से अपील करेंगे, अगर सरकार बात नहीं सुनती है तो वह कोर्ट जाएंगे. तेजबहादुर कोर्ट में वर्दी पहनकर ही अपने इंसाफ की लड़ाई लड़ेंगे. तेजबहादुर बोले कि वह अपनी सैलरी में किसी प्रकार की बढ़ोतरी नहीं चाहते हैं, बल्कि वह चाहते हैं कि बस जवानों को अच्छा खाना मिले और समय पर छुट्टियां मिलती रहे. उन्होंने कहा कि वह कोशिश करेंग कि इस मसले पर प्रधानमंत्री मोदी से मिलूं. मीडिया ने बचाई जान तेजबहादुर बोले कि पहले मुझे पेंशन और रिटायरमेंट के कागजात तैयार करने को कहा गया, लेकिन बाद में सीधा बर्खास्त कर दिया गया. अब मुझे किसी भी प्रकार की पेंशन या रिटायरमेंट का फायदा नहीं मिलेगा. उन्होंने कहा कि मेरे साथ सही तरीके से ट्रायल नहीं किया गया है, मैं अपने साथी को गवाह के तौर पर पेश करना चाहता था लेकिन ऐसा नहीं हो सका. तेजबहादुर बोले कि मेरे वीडियो डालने के बाद खाने में लगभग 70 प्रतिशत तक सुधार आ चुका है. मुझे लगा कि वे लोग मुझे मार देंगे, लेकिन मीडिया ने मेरी जान बचाई. नहीं की मंत्री ने मदद तेजबहादुर की पत्नी ने कहा कि हमें पूरे देश और रेवाड़ी से इस मुद्दे पर काफी समर्थन मिला है. उन्होंने कहा कि नेताओं ने हमारी उम्मीद को तोड़ा, वह केंद्रीय मंत्री इंद्रजीत राव से मुलाकात की थी. वह यहां से सांसद हैं, लेकिन उन्होंने कोई मदद नहीं की. तो वहीं तेजबहादुर के बेटे ने कहा कि वह कभी भी सेना में नहीं जाएगा. वहां काफी भ्रष्टाचार है, वह इंजीनियर बनना चाहता है. आपको बता दें कि बुधवार को बीएसएफ ने जवान तेजबहादुर यादव को बुधवार को बर्खास्त कर दिया था. जांच में पाया गया था कि तेजबहादुर यादव के कारण बीएसएफ की छवि को नुकसान पहुंचा है. आपको बता दें कि तेज बहादुर यादव ने कुछ समय पर सुरक्षा बलों को मिलने वाले खराब खाने का वीडियो सोशल मीडिया पर डाला था, जो कि वायरल हो गया था. वीडियो के वायरल होने के कारण इस मुद्दे पर काफी बवाल मचा था. क्या कहा पत्नी शर्मिला ने? तेजबहादुर यादव को बीएसएफ से बर्खास्त करने के फैसले पर तेजबहादुर यादव की पत्नी शर्मिला ने कहा सरकार ने काफी गलत किया है. उन्होंने बस वहां की स्थिति दर्शाया था. 20 साल से ऊपर की नौकरी के बाद बीएसएफ से बर्खास्त किए जाने का कदम काफी गलत है. क्या ने क्या लगाए थे आरोप? तेज बहादुर यादव ने वीडियो में आरोप लगाया था कि बीएसएफ जवानों को मिलने वाली दाल और परांठे की क्वालिटी बेहद खराब है. उनका कहना था कि कई बार जवानों को 11 घंटे बर्फ में खड़ा रहने के बाद भूखे पेट सोना पड़ता है. यादव का दावा था कि जवानों को मिलने वाले राशन में सीनियर अफसर धांधली कर रहे हैं. इसके बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जांच के आदेश दिए थे. बीएसएफ ने ये दी थी सफाई बीएसएफ ने गृह मंत्रालय को सौंपी गई शुरुआती रिपोर्ट में यादव के आरोपों को सिरे से खारिज किया था. हालांकि मामले की अंतिम रिपोर्ट अभी आनी बाकी है. लेकिन बीएसएफ ने गृह मंत्रालय को बताया है कि 29वीं बटालियन के किसी दूसरे जवान ने यादव के आरोपों की तस्दीक नहीं की थी.


बाबरी मस्जिद मामले में जोशी, आडवाणी उमा सहित 13 भाजपा नेताओं पर आज सुप्रीम कोर्ट सुना सकता है फैसला
19-Apr-2017,10:12:49,kulshreshthaworld.com
उच्चतम न्यायालय बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और उमा भारती समेत 13 भाजपा नेताओं के खिलाफ षड्यंत्र के आरोपों की बहाली की मांग वाली याचिका पर आज अपना फैसला (बुधवार, 19 अप्रैल) सुना सकती है. न्यायमूर्ति पी.सी. घोष और न्यायमूर्ति आर.एफ. नरीमन की पीठ यह फैसला सुना सकती है. 6 दिसंबर, 1992 को विवादित ढांचे को गिराने से संबंधित दो मामले हैं. पहला मामला अज्ञात कारसेवकों से जुड़ा है जिसकी सुनवाई लखनउ की एक अदालत में चल रही है, वहीं दूसरा सेट रायबरेली की एक अदालत में वीवीआईपी लोगों से जुड़े मामले का है. पीठ ने 6 अप्रैल को संकेत दिया था कि वह रायबरेली से मामले को लखनऊ की अदालत में स्थानांतरित करके मामलों के दो सेटों की संयुक्त सुनवाई का आदेश दे सकती है. पीठ ने यह भी कहा था कि चूंकि 25 साल गुजर चुके हैं, इसलिए वह न्याय के हित में दिन-प्रतिदिन के आधार पर समयबद्ध सुनवाई का आदेश देने पर विचार करेगी जिसे प्राथमिकता के साथ दो साल में पूरा किया जाएगा. आडवाणी और जोशी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता के के वेणुगोपाल ने संयुक्त सुनवाई के प्रस्ताव का और उनके मामले को रायबरेली से लखनउ को स्थानांतरित करने का पुरजोर विरोध किया था. सीबीआई ने साफ किया था कि वह वीवीआईपी आरोपियों पर मुकदमे के मुद्दे पर कोई दलील नहीं दे रही बल्कि खुद को उनके खिलाफ षड्यंत्र के आरोप को बहाल करने तक सीमित रख रही है. शीर्ष अदालत ने पहले आडवाणी, जोशी, उमा भारती और 10 अन्य लोगों के खिलाफ षड्यंत्र के आरोपों को हटाने के खिलाफ अपील का अध्ययन करने का फैसला किया था. दोनों प्राथमिकियों को मिलाने का आरोपियों के वकील ने इस आधार पर विरोध किया था कि दोनों मामलों में आरोपी के तौर पर विभिन्न लोग हैं, जिनमें सुनवाई दो अलग अलग जगहों पर अग्रिम स्तर पर है. उनका विचार है कि संयुक्त सुनवाई से नये सिरे से प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. इससे पहले मामले में आडवाणी, जोशी और उमा भारती समेत 13 आरोपियों के खिलाफ षड्यंत्र के आरोपों को वापस ले लिया गया था, जिसमें सुनवाई रायबरेली की एक विशेष अदालत में चल रही है.


अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मैकमास्टर भारत में, प्रधानमंत्री मोदी से की मुलाकात
18-Apr-2017,14:39:56,kulshreshthaworld.com
अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार लेफ्टिनेंट जनरल एच आर मैकमास्टर आज भारत दौरे पर हैं. मंगलवार सुबह उन्होंने भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मुलाकात की है. मैकमास्टर ने पीएम मोदी से भी मुलाकात की. मोदी से मुलाकात प्रधानमंत्री आवास पर हुई मुलाकात में दोनों देशों के बीच रिश्तों की समीक्षा की गई. मोदी और मैकमास्टर ने दक्षिण एशिया के ताजा हालात पर भी चर्चा की. बैठक में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, विदेश सचिव एस जयशंकर और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे. उठा आतंकवाद का मसला मैकमास्टर और डोभाल के बीच मुलाकात करीब 2 घंटे तक चली. सूत्रों के मुताबिक बैठक सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई. मीटिंग के दौरान भारत और अमेरिका के बीच सहयोग और आतंकवाद के मसले पर चर्चा हुई. दोनों देश सैन्य सहयोग बढ़ाने और आतंकवाद के खिलाफ जानकारी के आदान-प्रदान को बढ़ाने पर राजी हुए. इसके अलावा डोभाल और मैकमास्टर ने दक्षिण एशिया के सुरक्षा हालात पर भी बातचीत की. भारत ने दोहराया कि पाकिस्तान में पनप रहा आतंकवाद पूरे इलाके के लिए खतरा है. इसके अलावा उनका विदेशमंत्री सुषमा स्वराज, विदेश सचिव एस. जयशंकर और रक्षामंत्री अरुण जेटली से भी मिलने का कार्यक्रम है. मैकमास्टर का ये दौरा ऐसे वक्त आया है जब अमेरिकी सेना ने अफगानिस्तान के नंगरहार में आईएसआईएस आतंकियों के खिलाफ अपने सबसे बड़े बम का इस्तेमाल किया है. वहीं, दूसरी ओर भारत और पाकिस्तान के बीच कुलभूषण जाधव को लेकर तनाव बढ़ा है. ये देखना दिलचस्प होगा कि क्या भारत में मैकमास्टर से जाधव मसले पर कोई बयान देंगे. साथ ही अफगानिस्तान में रूस के बढ़ते दखल का मुद्दा भी मैकमास्टर उठा सकते हैं. पाकिस्तान को सुनाई थी दो-टूक मैकमास्टर भारत आने से पहले पाकिस्तान और अफगानिस्तान जा चुके हैं. दोनों देशों में उन्होंने वहां के उच्चाधिकरियों और नेताओं से मुलाकात की थी.एक अफगान चैनल को दिए इंटरव्यू में मैकमास्टर ने कहा था कि पाकिस्तान को अपने हितों की रक्षा के लिए आतंकियों का नहीं बल्कि डिप्लोमेसी का इस्तेमाल करना चाहिए. वहीं इस्लामाबाद में उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर समेत सभी मसलों को बातचीत से सुलझाने पर जोर दिया था.


पीएम मोदी ने लॉन्च किया ‘भीम डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म’, अब सिर्फ अंगूठे से भी होगा भुगतान
15-Apr-2017,10:32:56,kulshreshthaworld.com
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागपुर में डिजिटल और कैशलेस भारत के लिए आधार बेस्ड भीम ऐप को लॉन्च कर दिया है. इस ऐप के लॉन्च होने के बाद आपको कार्ड, मोबाइल, इंटरनेट कनेक्शन और तमाम पासवर्ड के झंझट से मुक्ति मिल जाएगी. यानी आप सिर्फ अंगूठा लगाकर किसी भी प्रकार का भुगतान कर सकेंगे. मोबाइल फोन ही अब ATM बन जाएगा पीएम मोदी ने इस मौके पर कहा कि लोगों का मोबाइल फोन ही अब एटीएम बन जाएगा. भीम ऐप से किसी दूसरे को सफलतापूर्वक जोड़ने वाले शख्स को 10 रुपये मिलेंगे. यह ही रेफरेल बोनस योजना है जिसके तहत भीम ऐप यूजर किसी दूसरे स्मार्टफोन उपयोक्ता को इस सुविधा से जोड़ सकता है और एक निश्चित रकम कमा सकता है. न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, पीएम ने कहा कि यदि आप किसी को भीम ऐप से जोड़ते हैं और वह व्यक्ति तीन ट्रांजैक्शन करता है तो आपको 10 रुपये मिलेंगे. यह स्कीम 14 अक्टूबर तक जारी रहेगी. भीम एप्प से जोड़ने पर इनाम यहां दीक्षाभूमि में डॉ बी आर अंबेडकर की 126वीं जयंती के मौके पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए प्रधानमंत्री ने भीम एप्प के तहत दो नयी योजनाएं भी शुरू कीं जिनमें एक में आम उपभोक्ताओं को नये लोगों को जोड़ने के लिए रेफरल बोनस दिया जाएगा और दूसरी में व्यापारियों को प्रोत्साहित करने के लिए कैश-बैक का लाभ मिलेगा. मोदी ने यहां एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘यह डिजिधन अभियान एक सफाई अभियान है. यह भ्रष्टाचार की समस्या से लड़ाई है.’ नकदीरहित लेनदेन में युवाओं को जोड़ने के लिए मोदी ने कहा कि आप किसी को भीम एप्प से जोड़ोगे तो आपको 10 रुपये का कैश-बैक मिलेगा. उन्होंने कहा, ‘अगर आप एक दिन में 20 लोगों को जोड़ोगे तो आप 200 रुपये कमा सकते हैं.’ गौरतलब है कि प्रधानमंत्री ने कुछ दिन पहले जनता का आभार जताते हुए कहा था कि पिछले कुछ महीने में देश में एक माहौल बना है जिसमें लोगों ने बड़ी संख्या में डिजिटल भुगतान के ‘डिजिधन’ अभियान में भागीदारी अदा की. प्रधानमंत्री ने दिसंबर 2016 में भीम एप्प की शुरूआत की थी ताकि इलेक्ट्रॉनिक भुगतान को बढ़ावा दिया जा सके. भीम-आधार ऐप दुनिया में अपनी किस्‍म का अनोखा पीएम मोदी ने इस मौके पर कहा कि अगले दो हफ्ते में इस पर और काम कर लिया जाएगा जिसेस भीम ऐप और शक्तिशाली बनकर उभरेगा. पीएम ने कहा कि भीम-आधार ऐप दुनिया में अपनी किस्‍म का अनोखा है. यहां तक कि दुनिया के सबसे अडवांस देशों में भी ऐसा तंत्र नहीं है. यह पूरी तरह से गेमचेंजर साबित होगा. एनपीसीआई के मुताबिक, 27 बड़े बैंक तीन लाख व्यापारियों के साथ पहले ही इससे जुड़ चुके हैं. अत: वे भीम आधार का उपयोग भुगतान स्वीकार करना शुरू कर सकते हैं. मोदी ने नागपुर में भीम-आधार डिजिटल प्लेटफार्म लॉन्च करते हुए कहा कि इससे दुनिया के किसी भी स्थान पर डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिलेगा. यह ‘नकद रहित’ अर्थव्यवस्था की ओर एक कदम होगा और इससे काले धन से छुटकारा मिलेगा.


मोदी ने किया ऐलान, महिलाओं को शादी के बाद नहीं रहेगी नाम बदलने की जरूरत, पासपोर्ट पर रख सकती है पहले वाला नाम
14-Apr-2017,11:31:55,kulshreshthaworld.com
वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के जरिए इंडियन मर्चेंट चैंबर्स की महिला शाखा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने ये बातें कहीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने (13 अप्रैल को) एलान किया कि अब महिलाओं को शादी के बाद अपने पासपोर्ट में नाम के आगे टाइटल बदलवाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि महिलाएं इसके लिए स्वतंत्र होंगी। कानूनी रूप से वो इस प्रक्रिया से बाहर होंगीं। उन्होंने कहा कि वो चाहते हैं कि देशभर की महिलाएं सरकारी विकास योजनाओं के केन्द्र में रहें। पीएम मोदी ने कहा कि उनकी सरकार उज्ज्वला और मुद्रा योजनाओं के जरिए महिलाओं को सशक्त बनाने में जुटी हुई है और कई ठोस कदम उठा रही है। वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के जरिए इंडियन मर्चेंट चैंबर्स की महिला शाखा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार चाहती है कि सभी विकास योजनाओं में महिलाएं केंद्र में रहें। उन्होंने सरकार द्वारा शुरू की गई विभिन्न योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि मातृत्व अवकाश को अब 12 हफ्तों से बढ़ाकर 26 हफ्ते कर दिया गया है। इसके साथ ही मोदी ने बताया कि उनकी सरकार ने अस्पतालों में बच्चों को जन्म देनेवाली महिलाओं को अब 6000 रुपये देने का प्रावधान किया है। पीएम मोदी ने कहा कि पिछले साल शुरू कू गई उज्ज्वला योजना से देशभर की गरीब महिलाओं को लाभ पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि अगले दो साल में गरीबी रेखा से नीचे जी रही पांच करोड़ महिलाओं को उज्ज्वला योजना के तहत मुफ्त रसोई गैस दी जाएगी। उन्होंने कहा कि अबतक इससे 2 करोड़ महिलाएं लाभान्वित हो चुकी हैं। पीएम ने एलपीजी सब्सिडी छोड़ने का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस मुहिम के तहत अब तक 1.2 करोड़ लोगों ने अपनी इच्छा से सब्सिडी छोड़ी है। प्रधानमंत्री मोदी ने महिलाओं की उद्दमशीलता की तारीफ करते हुए कहा कि उन्हें जब कभी और जहां कहीं मौका मिलता है वो अपनी मेहनत से किसी भी उद्दम को सफल बना देती हैं। पीएम ने कहा कि आज भी देश में पशुपालन के क्षेत्र में सबसे ज्यादा योगदान महिलाओं का है। पीएम ने लिज्जत पापड़ और अमूल का उदाहरण देते हुए कहा कि ये दो शानदार उदाहरण हैं जो महिलाओं के सश्क्तिकरण की कहानी बयां करते हैं।


जालिंयावाला बाग हत्याकाण्ड : आजादी की लड़ाई में भारतीय इतिहास को एक काला अध्याय, जिसकी टीस आज भी कायम
13-Apr-2017,12:59:30,kulshreshthaworld.com
जलियांवाला बाग नरसंहार भारतीय इतिहास के सबसे काले अध्यायों में एक है। आज ही के दिन 13 अप्रैल 1919 को ब्रिटिश लेफ्टिनेंट जनरल रेगिनाल्ड डायर ने अमृतसर के जलियांवाला बाग में बैसाखी के मौके पर इकट्ठे हजारों निहत्थे मासूम भारतीयों पर अंधाधुंध गोलियां चलवा दी थीं। 1000-2000 भारतीय इस गोलीबारी में मारे गए थे। इससे कहीं ज्यादा गंभीर रूप से घायल हुए थे। डायर ने बाग से निकलने के सारे रास्ते बंद करवा दिए थे। बाग में जाने का जो एक रास्ता खुला था जनरल डायर ने उस रास्ते पर हथियारबंद गाड़ियां खड़ करवा दी थीं। वो करीब 100 सिपाहियों के संग बाग के गेट तक पहुंचा। उसके करीब 50 सिपाहियों के पास बंदूकें थीं। उसने वहां पहुंचकर बगैर किसी चेतावनी के गोली चलाने का आदेश दे दिया। गोलीबारी से लोग पेड़ों की तरह कटकर गिरने लगे। कई मासूम भारतीय गोलीबारी से बौखला कर बाग में स्थित एक कुएं में कूदने लगे। गोलीबारी के बाद कुएं से 200 से ज्यादा शव बरामद हुए थे। डायर को इस कुकृत्य के लिए जलियांवाला बाग का कसाई कहा जाता है। भारतीय स्वतंत्रा संग्राम में इस घटना की निर्णायक भूमिका मानी जाती है। अक्टूबर 1919 में ब्रिटिश सरकार ने पंजाब में हुए कुकृत्य की जांच के लिए हंटर कमेटी का गठन किया। इस कमेटी के आठ सदस्यों में से तीन भारतीय थे। हंटर कमेटी की सुनवाई के दौरान 19 नवंबर 1919 को लाहौर में सुनवाई के दौरान डायर ने सर चिमनलाल सीतलवाड़ के सवालों का जवाब दिया। सीतलावाड़ ने अपनी आत्मकथा “रिकलेक्शनंस एंड रिफ्लेक्शंस” में इस वाकये का जिक्र किया है। नीचे हम आपको सीतलवाड़ के सवाल और डायर के जवाब का एक अंश दे रहे हैं- सीतलवाड़– आप उन्हें इस मकसद से लेकर गये थे कि उनका इस्तेमाल वहा इकट्ठा लोगों पर किया जा सके? डायर– अगर जरूरी हुआ तो। अगर जरूरत हुई और मुझ पर हमला किया जाए या ऐसा ही कुछ और हुआ तो मैं मानकर चला था कि मैं उनका इस्तेमाल करूंगा। सीतलवाड़– जब वहां आप पहुंचे तो बाग के दरवाजे तक हथियारबंद गाड़ियां नहीं ले जा सके क्योंकि वहां पहुंचने का रास्ता बहुत संकरा था? डायर– हां सीतलवाड़– अगर हथियारबंद गाड़ियां बाग तक पहुंच जाती तो आप मशीनगन से गोलियां चलवाते? डायर– मेरा ख्याल है, शायद हां। सीतलवाड़- उस स्थिति में मरने वालों की संख्या और अधिक होती? डायर– हां सीतलवाड़– और आप इसलिए संयोगवश ही मशीनगन से गोली नहीं चलवा पाए क्योंकि आपकी हथियारबंद गाड़ियां नहीं जा पाईं? डायर– मैं आपका जवाब दे चुका हूं। मैं कह चुका हूं कि अगर गाड़ियां वहां पहुंच जाती तो शायद उनसे गोलीबारी करवाता। सीतलवाड़– सीधे मशीनगन से? डायर– मशीनगन से सीतलवाड़– मुझे लगता है कि आपने आतंक पैदा करने के लिए कार्रवाई की थी? डायर– आप इसे जो चाहे कहें। मैं उन्हें सजा देने गया था। सैन्य नजरिये से मेरा विचार एक गहरा प्रभाव छोड़ने का था। सीतलवाड़– न केवल अमृतसर शहर में बल्कि पूरे पंजाब में आतंक फैलाना? डायर– हां, पूरे पंजाब में। मैं उनका हौसला तोड़ना चाहता था, बागियों का हौसला। सीतलवाड़– आपको ये ख्याल आया कि इस भयावह कृत्य से आप ब्रिटिश राज की कुसेवा कर रहे हैं क्योंकि इससे लोगों का असंतोष और गहरा हो जाएगा? डायर– मुझे ऐसा करने का ख्याल पसंद नहीं था लेकिन मुझे ये भी लगा कि जिंदगियां बचाने का यही एक तरीका है और कोई भी प्रबुद्ध न्यायप्रिय व्यक्ति यही सोचेगा कि मैंने सही किया। ये घृणित किंतु दयालू कृत्य था और उन्हें इसके लिए मेरा शुक्रगुजार होना चाहिए। मुझे लगा कि इससे बहुत से फायदे होंगे और उन्हें इस बात का अहसास होगा कि उन्हें बदमाशी नहीं करनी चाहिए। 14 अक्टूबर 1997 को ब्रिटेन की महारानी क्वीन एलिज़ाबेथ-2 इंडिया आईं. जलियांवाला बाग भी गईं. श्रद्धांजलि दी. ब्रिटेन के प्राइम मिनिस्टर डेविड कैमरून भी 2013 में जब इंडिया आए तो जलियांवाला बाग गए. कैमरन ने जलियांवाला बाग कांड को शर्मनाक बताया. लेकिन जिनके अपने गए, उनका दर्द कोई नहीं समझ सकता. उस दर्द को केवल वे ही महसूस कर सकते हैं.


कुलश्रेष्ठ सभा आगरा की नई कार्यकारिणी का गठन
12-Apr-2017,15:22:58,kulshreshthaworld.com
कुलश्रेष्ठ सभा आगरा की नई कार्यकारिणी का गठन सर्व सम्मति से रविवार दि 09 04 2017 को सम्पन्न हुआ । कार्यकारिणी मे निम्न पदाधिकारियो को मनोनीत किया गया सर्वश्री... 1 अध्यक्ष अशोक प्रकाश कुलश्रेष्ठ 2 उपाध्यक्ष 1कमलेश कुमार 2आर पी कुलश्रेष्ठ 3आशा रानी 3 महा सचिव कुलदीप कुलश्रेष्ठ 4 कोषाध्यक्ष अजय कुमार 5 संगठन सचिव नवीन कुमार 6 प्रचार सचिव अंजुल कुलश्रेष्ठ 7 सांस्कृतिक सचिव सुमन कुलश्रेष्ठ 8 क्षेत्रीय उपाध्यक्ष 1 योगेश कुलश्रेष्ठ 2 राजीव कुलश्रेष्ठ 3 मुकेश चंद्र 4 अनिल कुलश्रेष्ठ 5 शशि कुमार 6 अनुराग कुलश्रेष्ठ 7 सुधीर कुमार 8 अनिल कुमार 9 मुकुल कुलश्रेष्ठ 10 विशाल कुमार 11 माधवी कुलश्रेष्ठ 12 अजय कुलश्रेष्ठ 9 ऑडीटर आलोक कुलश्रेष्ठ 10 सचिव सम्पति राजीव कुलश्रेष्ठ 11 उप सचिव सम्पति दीपक गहराना 12 कार्यकारिणी सदस्य पवन हिमांशु विवेक श् मनमोहन दयाल गौरी शंकर आदि


CWG मामले को लेकर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर छाये संकट के बादल, PAC ने की स्वीकारी रिपोर्ट
11-Apr-2017,09:55:56,kulshreshthaworld.com
नई दिल्‍ली। कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स घोटाले को लेकर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की मुश्किलें बढ़ती दिख रहीं हैं। पब्लिक अकाउंट कमेटी ने उस रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया है जिसमें पूर्व पीएम पर कई तरह के आरोप लगाए गए थे। इनमें मनमोहन सिंह के पीएम रहते सुरेश कलमाड़ी को इन गेम्‍स के आयोजन कमेटी का अध्‍यक्ष चुनने और इस दौरान हुए भ्रष्‍टाचार पर सवाल खड़े किए गए थे। एक अंग्रेजी अखबार के मुताबिक पीएसी ने 14 जनवरी 2005 को तत्‍कालीन पीएम मनमोहन सिंह की अध्‍यक्षता में हुई मंत्रियों की बैठक और इसमें दिए गए खेल मंत्रालय के बयानों को भी सिरे से खारिज कर दिया है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि जब तत्‍कालीन पीएम मनमोहन सिंह के पास इस प्रोजेक्‍ट को लेकर बात आई थी तो उन्‍होंने इसकी जिम्‍मेदारी दूसरे को देने की बजाए पहले से निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक इसको आगे बढ़ाने का निर्णय लिया था। इसके अलावा इसकी रिपोर्ट बनाने में भी करीब दो माह की देरी की गई। अखबार में छपी रिपोर्ट के मुताबिक राजनीतिक दबाव की वजह से इस दौरान केबिनेट सचिवालय इस बाबत जिम्‍मेदारी तय करने में भी नाकाम रहा। वहीं यूपीए 2 के दौरान इस पर विचार किया गया। भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी के नेतृत्‍व में बनी पीएसी ने इस बाबत सामने आई कैग की रिपोर्ट का गहनता से अध्‍ययन किया जिसमें कॉमनवेल्‍थ्‍ा गेम्‍स के आयोजन में अनियमितता बरतने की बात कही गई थी। पीएसी ने सीबीआई से इसकी दोबारा जांच करने के लिए भी कहा था। इस संबंध में करीब 33 मामले दर्ज किए गए थे जिसमें से कुछ सुरेश कलमाड़ी और कुछ उनके करीबी सहयोगियों पर दर्ज थे। गौरतलब है कि दिल्‍ली में 3-14 अक्‍टूबर 2010 के बीच राष्‍ट्रमंडल खेलों का आयोजन किया गया था। इसके आयोजन में अनियमितता बरतने को लेकर कांग्रेस के कई बड़े नेताओं पर भ्रष्‍टाचार के गंभीर आरोप लगे थे। राष्ट्रमंडल खेल समिति के तत्‍कालीन अध्यक्ष सुरेश कलमाड़ी पर भी कई संगीन आरोप आरोप लगे थे। उनके अलावा करीब दस लोगों पर सीबीआई ने भ्रष्‍टाचार के आरोप भी तय किए थे।


NSG की सदस्यता में भारत का रोड़ा बना चीन, दूसरे देशों का मिल सकता है समर्थन
05-Apr-2017,13:10:33,kulshreshthaworld.com
नई दिल्ली। एनएसजी में भारत की सदस्यता के विरोध में चीन खड़ा है वहीं दुनिया के अन्य देश समर्थन देते नजर आ रहे हैं। इस बीच पीएम मोदी की जर्मनी यात्रा के पहले ही भारत की सदस्यता को लेकर सकारात्मक संकेत नजर आ रहे हैं। दरअसल इस यात्रा से पहले अब भारत से समर्थन में वह देश भी आ रहे हैं जो पहले इसका विरोध कर रहे थे। जर्मनी के एक वरिष्ठ राजनयिक सूत्र ने बताया कि एनएसजी परामर्श समूह की बैठक जारी है और यहां भारत की सदस्यता के बारे में चर्चा की जा रही है। इस बैठक में जर्मनी ने भारत को अपना समर्थन दिया है। अमेरिका पहले की तरह ही इस बार भी भारत की एनएसजी में सदस्यता के मुद्दे पर अपना समर्थन दे रहा है। वहीं चीन अब भी इस मुद्दे पर भारत के खिलाफ खड़ा हुआ है। पहले की ही तरह इस बार भी चीन ने कहा है कि वह एनपीटी पर हस्ताक्षर किए बिना किसी भी देश को एनएसजी की सदस्यता दिए जाने के खिलाफ है। पीएम नरेंद्र मोदी इस साल 2 बार जर्मनी की यात्रा पर जाएंगे। पहले वह मई में और फिर जुलाई में G-20 सम्मेलन में भाग लेने के लिए जर्मनी जाएंगे। इस मुद्दे पर भारत लगातार कूटनीतिक प्रयास कर रहा है। इसी संबंध में पिछले दिनों भारत के विदेश सचिव एस जयशंकर ने जर्मनी के विदेश मंत्री मार्कस ऐडरर से मुलाकात भी की थी। इस दौरान दोनों के बीच आपसी संबंधों को आगे ले जाने और मई में बर्लिन में इंटर गवर्नमेंटल कमिशन की बैठक के बारे में अहम मुद्दों पर भी चर्चा की गई थी। जयशंकर इस सप्ताह श्रीलंका में होने वाली बैठक में भी जर्मनी के शीर्ष राजनयिकों से कई मुद्दों पर चर्चा करेंगे। एक अंग्रेजी अखबार की खबर के मुताबिक जर्मन राजनयिक ने बताया है कि भारत वैश्विक स्तर पर हमारा अहम रणनीतिक साझीदार है।


कश्मीर में रची जा रही है अलगाववादी नेताओं की हत्या की साजिश, रहमान लखवी और हाफिज सईद में इस बात को लेकर गहमागहमी की खबर
04-Apr-2017,15:53:46,kulshreshthaworld.com
आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के में फूट की खबरें आ रही हैं। सुरक्षा एजेंसियों की तरफ से बताया जा रहा है कि लश्कर के संस्थापक हाफिज सईद और इसके कश्मीर ऑपरेशन के मुकिया जकी-उर-रहमान लखवी के बीच अनबन हो गई है। हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक लश्कर के दोनों शीर्ष नेताओं में अनबन की वजह संगठन के नाम के इस्तेमाल को लेकर है। दरअसल जकी-उर-रहमान कश्मीर में आतंकी हमला कर कुछ अलगाववादी नेताओं की हत्या की साजिश रच रहा है। लश्कर के सरगना हाफिज ने रहमान को सख्त निर्देश दिये हैं कि भारत में किसी भी प्रकार के आतंकी हमले में लश्कर-ए-तैयबा का नाम ना आने पाए। साथ ही हाफिज सईद ने ये आदेश भी जारी किये हैं कि संगठन की तरफ से जो भी हमले कश्मीर में किये जाएंगे उसे ‘कश्मीर छोड़ो आंदोलन’ के तहत किसी भी दूसरे संगठन के नाम से किए जाएंगे। दरअसल हाफिज ये सुनिश्चित कर देना चाहता है कि भारत में हो रहे आतंकी हमलों में किसी भी प्रकार से उसका या उसके आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का नाम ना आए। 26/11 के मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड लखवी और हाफिज सईद में कलह की उपज पाकिस्तान सरकार द्वारा हाफिज पर शिकंजा कसने के साथ ही होने लगी। अंतर्राष्ट्रीय दबाव के चलते पाकिस्तान ने हाफिज को भारत में आतंकी हमलों में सीधे शामिल होने से मना किया है। इसके बाद से ही हाफिज सईद इस बात को लेकर काफी सचेत हो गया है कि उसका या लश्कर कानाम किसी भी प्रकार से भारत में हो रहे आतंकी हमलों में ना आने पाए। हाफिज ने जकी-उर-रहमान को साफ कर दिया है कि हमें लश्कर के नाम से आतंकी हमलों को अंजाम देने से बचना होगा। इसके लिए किसी भी तरह के हमलों से पहले हमें इस बात का खास ध्यान रखना होगा। लेकिन हिंदुस्तान टाइम्स की खबरों के मुताबिक जकी-उर-रहमान लखवी को अंदर इस बात को लेकर असंतोष पैदा हो गया है। भारतीय खुफिया एजेंसियों को ये इनपुट मिला है कि लखवी कश्मीर में किसी बड़े आतंकी हमले को अंजाम देने में जुटा हुआ है। लखवी ने बड़ी संख्या में लश्कर के लड़ाकों को पाक अदिकृत कश्मीर में अपना डेरा जमा लेने का निर्देश दिया है। आतंकी बुरहान वानी की मौत के बाद से जिस तरह से कश्मीर के नौजवान उसके समर्थन में आए थे उसे देखते हुए लखवी किसी भी कीमत पर कश्मीर में सांत बैठने वाला नहीं है। लखवी घाटी में अशांति फैलाने और पत्थरबाज लड़कों को अपने साथ मिलाने के लिए कुछ अलगाववादी नेताओं की हत्या का भी प्लान बना रहा है।


धोनी की आधार कार्ड डिटेल लीक, साक्षी ने केंद्रीय मंत्री रविशंकर की ट्विटर पर की खिंचाई
29-Mar-2017,13:10:22,kulshreshthaworld.com
नई दिल्ली। आधार पहचान पत्र का प्रचार करने के चक्कर में क्रिकेटर एमएस धोनी की जानकारी का उपयोग करना सरकार के लिए परेशानी भरा साबित हुआ है। साक्षी धोनी ने केंद्रीय मंत्री रविशंकर से टि्वटर पर सवाल पुछे हैं साथ ही आईटी मिनिस्ट्री पर धोनी की जानकारी लीक करने का आरोप भी लगाया है। जानकारी के अनुसार मंत्रालय ने अपने ट्विटर हैंडल पर धोनी के फार्म से जुड़ी जानकारी ट्वीट कर दी। इसे देखने के बाद साक्षी भड़क गई और सवाल पूछा है कि प्रायवेसी नाम की कोई चीज है या नहीं। मामला गर्माता देख रविशंकर ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इसके बाद टि्वटर से धोनी से जुड़ी जानकारी हटा ली गई है। ऐसे चला घटनाक्रम मंत्रालय ने धोनी की एक तस्वीर ट्वीट की थी डिसमें वो आधार के लिए फिंगरप्रिंट देते नजर आ रहे हैं। इसी क्रम में धोनी का वह फार्म भी ट्वीट कर दिया गया जिसमें उनकी जानकारी है। इस पर आपत्ति लेते हुए साक्षी ने ट्वीट कर रविशंकर प्रसाद से सवाल किया कि प्रायवेसी नाम की कोई चीज है या नहीं? आवेदन सहित आधार कार्ट की जानकारी सार्वजनिक कर दी गई।


नाइजीरियाई छात्रों पर हमले को यूपी के मंत्री ने बताया गंभीर, सुषमा स्वराज ने मांगी रिपोर्ट
28-Mar-2017,12:27:54,kulshreshthaworld.com
नोएडा। नोएडा में एक छात्र की हत्या के बाद नाइजीरियाई छात्रों पर हमले से मामला गर्मा गया है। यूपी के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने इसे बेहद गंभीर मामला बताते हुए कहा कि इसकी उचित जांच की जाएगी और जितनी जल्दी हो सके केंद्र को रिपोर्ट भेज दी जाएगी। इससे पहले गुस्साए लोगों ने रविवार रात से सोमवार शाम तक 5 अलग-अलग जगहों पर नाइजीरियाई छात्रों को जमकर पीटा और उनकी गाड़ियों में तोड़फोड़ तक की। मामले के बिगड़ता देख विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सोमवार को ट्वीट कर जानकारी दी कि उन्होंने अफ्रीकी स्टूडेंट्स पर हमले की घटनाओं पर उत्तर प्रदेश सरकार से रिपोर्ट मांगी है। इससे पहले छात्र मनीष खारी की मौत को लेकर सोमवार शाम परीचौक पर कैंडल मार्च निकालने के दौरान लोग उग्र हो गए। परीचौक से गुजर रहे तीन नाइजीरियन युवकों को जमकर पीटा गया। उनकी कार तोड़ दी गई। अधमरी हालत में घायलों को पुलिस ने एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। दो घंटे तक परीचौक पूरी तरह से जाम रहा। इस दौरान हालात काबू में करने के लिए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को शांत कराने के लिए लाठी भांजी। प्रदर्शनकारी भी पीछे नहीं हटे, लोगों ने पुलिस को दौड़ा लिया। प्रदर्शनकारियों ने परीचौक से गुजरने वाले एक दर्जन गाड़ियों में तोड़फोड़ की। हालत बिगड़ते देख जिले के एक दर्जन थानों की पुलिस परीचौक पहुंची। दो घंटे लगभग आठ बजे स्थिति पुलिस के काबू में आई। छात्र मनीष की नशे के हालत में हुई मौत के मामले में नामजद पांच नाइजीरियन युवकों में से तीन सईद कबीर, अब्दुल उस्मान व सईद अबु वकार के पासपोर्ट व वीजा कासना पुलिस ने जब्त कर लिए हैं, जबकि दो युवकों उस्मान अब्दुल कादिर, मोहम्मद आमिर के पासपोर्ट एंबेसी में हैं। छात्र की मौत के बाद सोमवार को स्थानीय लोगों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर दोपहर 12 बजे एसएसपी कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया। एसएसपी धर्मेंद्र सिंह ने कार्रवाई के लिए चार दिन का समय मांगा है। इसके बाद लोग जिला मुख्यालय पहुंचे। वहां गिरफ्तारी की मांग को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी और जिला मुख्यालय पर धरने पर बैठ गए। सिटी मजिस्ट्रेट अंजनी सिंह को प्रदर्शनकारियों का विरोध ङोलना पड़ा। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट कर जानकारी दी कि उन्होंने अफ्रीकी स्टूडेंट्स पर हमले की घटनाओं पर उत्तर प्रदेश सरकार से रिपोर्ट मांगी है। वहीं, यूपी पुलिस ने नाइजीरियाई छात्रों की सुरक्षा का दावा किया है। पुलिस ने इन घटनाओं में 6 लोगों को हिरासत में लिया है। मारपीट से गुस्साए नाइजीरियाई नागरिक भी देर रात एक जगह इकट्ठे हो गए। खबर आई कि पी-4 सेक्टर से नाइजीरियाई लोगों ने एक बच्चे का अपहरण करने का प्रयास किया लेकिन लोगों को आता देख वे भाग गए। कुछ नाइजीरियन छात्र SSP से मिलने उनके ऑफिस भी पहुंचे।


85 साल में पहली बार टीम इंडिया ने किया यह करिश्मा
28-Mar-2017,12:25:21,kulshreshthaworld.com
मल्टीमीडिया डेस्क। भारतीय टीम ने मंगलवार को 85 साल के टेस्ट क्रिकेट इतिहास में इतिहास रचा। टीम इंडिया ने धर्मशाला में चौथे टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया को 8 विकेट से हराकर सीरीज पर 2-1 से कब्जा जमाया। टीम इंडिया ने 85 साल के टेस्ट क्रिकेट इतिहास में पहली बार लगातार सात टेस्ट सीरीज जीती। भारत को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज के पहले मैच में 333 रनों से करारी हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद टीम इंडिया ने जबर्दस्त वापसी करते हुए बेंगलुरू में दूसरा टेस्ट जीता। रांची में तीसरे टेस्ट के ड्रॉ होने के बाद मेजबान टीम ने धर्मशाला में चौथे टेस्ट में - विकेट से जीत दर्ज की। इस तरह भारत ने सीरीज 2-1 से अपने नाम की। भारत के लगातार सात टेस्ट सीरीज जीतने का सिलसिला 2015 में श्रीलंका में शुरू हुआ था जब विराट के धुरंधरों ने 2-1 से जीत दर्ज की। भारतीय टीम ने इसके बाद अपने घर में द. अफ्रीका को 3-0 से हराया। भारत ने वेस्टइंडीज को उसी के घर में 2-0 से हराया। इसके बाद टीम इंडिया का अपने घर में लगातार चार टेस्ट सीरीज जीत का क्रम शुरू हुआ। भारत ने न्यूजीलैंड को 3-0 से और इंग्लैंड को 4-0 से रौंदा। भारत ने बांग्लादेश को 1-0 से हराने के बाद अब ऑस्ट्रेलिया को 2-1 से पीटा। भारत की लगातार सात टेस्ट सीरीज जीत भारत विवि श्रीलंका 2-1 (3 टेस्ट) : 2015 (मेजबान श्रीलंका) भारत विवि द. अफ्रीका 3-0 (4) : 2015-16 (भारत) भारत विवि वेस्टइंडीज 2-0 (4) : 2016 (वेस्टइंडीज) भारत विवि न्यूजीलैंड 3-0 (3) : 2016-17 (भारत) भारत विवि इंग्लैंड 4-0 (5) : 2016-17 (भारत) भारत विवि बांग्लादेश 1-0 (1) : 2016-17 (भारत) भारत विवि ऑस्ट्रेलिया 2-1 (4) : 2016-17 (भारत) - See more at: http://naidunia.jagran.com/sports/cricket-team-india-achieve-this-milestone-for-the-first-time-in-85-years-1071252?src=p1_w#sthash.PaOpIWrh.dpuf


नोटबंदी के बाद के प्रभावों का कैग करेगा ऑडिट, होगा नोटबंदी के असर का आंकलन
27-Mar-2017,16:42:12,kulshreshthaworld.com
कैग शशिकांत शर्मा ने रविवार को कहा कि हमारी योजना नोटबंदी के वित्तीय प्रभाव से संबंधित कुछ मुद्दों का आॅडिट करने की है। नियंत्रक व महालेखा परीक्षक (कैग) की योजना नोटबंदी के प्रभाव का आॅडिट करने और इसके सरकार के राजस्व पर पड़े असर का आकलन करने की है। कैग शशिकांत शर्मा ने रविवार को कहा कि हमारी योजना नोटबंदी के वित्तीय प्रभाव से संबंधित कुछ मुद्दों का आॅडिट करने की है। विशेष रूप से इसके कर राजस्व पर पड़ने वाले असर को लेकर। सरकार ने पिछले साल आठ नवंबर को 500 और 1,000 के नोट बंद करने की घोषणा की थी। पुराने नोटों में बेहिसाबी धन रखने वालों के लिए कर माफी योजना भी शुरू की। कैग के आॅडिट में नोटों की छपाई पर खर्च, रिजर्व बैंक के लाभांश भुगतान और बैंकिंग लेन-देन आंकड़ों को शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आॅडिटर नई वस्तु व सेवा कर (जीएसटी) व्यवस्था के तहत कर राजस्व का आॅडिट करने की भी तैयारी कर रहा है। उसने क्षमता निर्माण और अपने आॅडिट के तरीके व प्रक्रियाआें का पुनर्गठन भी शुरू किया है। कैग ने कृषि फसल योजना और बाढ़ नियंत्रण व बाढ़ अनुमान का आॅडिट पहले ही पूरा कर लिया है। अब वह शिक्षा के अधिकार, राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन, रक्षा पेंशन, गंगा पुनरोद्धार का आॅडिट कर रहा है। इनकी आॅडिट रिपोर्ट चालू साल के अंत तक तैयार हो जाएंगी। कैग ने सरकार को जीएसटी परिषद के शुरुआती मसौदे में धारा 65 को हटाने पर भी अपना रुख बता दिया है। इसके तहत कैग को जीएसटी के आॅडिट का अधिकार मिलता है। शशिकांत शर्मा ने कहा कि हमारे अधिकार के दायरे में पूर्व की किसी कराधान व्यवस्था की तरह जीएसटी भी आएगा। हमने जीएसटी लागू होने के बाद बाकी इस चुनौती से निपटने को अपनी राजस्व आॅडिट व्यवस्था के पुनर्गठन पर काम शुरू कर दिया है। इस प्रक्रिया के तहत क्षमता निर्माण, डाटा पहुंच व विश्लेषण, आॅडिट के तरीके और प्रक्रियाओं पर पुनर्गठन व एंड टु एंड सोल्यूशंस का विकास शामिल है। उन्होंने कहा कि कैग के पास सरकार के राजस्व और व्यय से किसी तरह का संबंध रखने वाले निकाय या प्राधिकरणों के आॅडिट का अधिकार है। कई शहर विकास निकायों, डिस्कॉम और मेट्रो निगमों का इसको लेकर विरोध खत्म हो जाएगा। शर्मा ने साफ किया कि सरकारी, विधायी, न्यायिक और आॅडिट की भूमिकाएं और दायित्व पूरी तरह स्पष्ट हैं। उन्होंने कहा कि कैग के सशक्तीकरण में किसी तरह की खामी नहीं है। लेकिन समय के साथ कामकाज के संचालन मॉडल में बदलाव आया है। कैग ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के दूरसंचार मामले में 2014 के फैसले से यह महत्त्वपूर्ण सिद्धांत एक बार फिर पुष्ट हुआ है कि निजी क्षेत्र की कंपनियों की ओर से जहां भी राजस्व सृजन के लिए सार्वजनिक संसाधनों का इस्तेमाल किया जाएगा, कैग की यह जिम्मेदारी बनती है कि वह देखे कि सरकार को उस राजस्व में उसका समुचित हिस्सा मिल रहा है या नहीं। उन्होंने कहा कि हर वह निकाय और प्राधिकरण, जिनका सरकार के राजस्व और खर्च से किसी भी तरह का संबंध है, कैग के आॅडिट के दायरे में आते हैं। शहरी विकास निकाय, बिजली वितरण कंपनियां और मेट्रो निगम कैग के आॅडिट का विरोध करते रहते हैं। उनका कहना है कि वे स्वायत्त निकाय हैं और उन्हें सरकार से किसी तरह का समर्थन नहीं मिल रहा है। शर्मा ने कहा कि समय के साथ चीजें ठीक हो जाएंगी और यह विरोध खत्म हो जाएगा।


सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए आधार कार्ड को आधार नहीं बना सकती सरकार - सुप्रीम कोर्ट
27-Mar-2017,16:41:27,kulshreshthaworld.com
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने आधार को लेकर सोमवार को बड़ा फैसला दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने अपने दिए इस फैसले में कहा है कि सरकार अपनी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ देने के लिए आधार को अनिवार्य नहीं बना सकती. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हालांकि सरकार को बैंक खाते खोलने जैसी अन्य योजनाओं में आधार का इस्तेमाल करने से रोका नहीं जा सकता. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आधार को चुनौती देने वाली याचिकाओं की सुनवाई के लिए सात न्यायाधीशों की एक पीठ गठित की जानी है लेकिन इस समय ऐसा संभव नहीं है. मोबाइल यूजर्स को जल्द करानी पड़ेगी Aadhar पहचान जांच सभी मौजूदा मोबाइल उपभोक्ताओं को जल्द ही अपना आधार आधारित पुन:प्रमाणन कराना पड़ सकता है. सरकार ने इस संबंध में दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं. दूरसंचार सेवाप्रदाताओं के संगठन सीओएआई ने कहा कि उसकी सदस्य कंपनियां इस हफ्ते बैठक कर मौजूदा एक अरब से भी अधिक मोबाइल उपभोक्ताओं की प्रमाणन प्रक्रिया की रूपरेखा पर चर्चा करेंगी. ड्राइविंग लाइसेंस बनाम आधार कार्ड एक ही नाम से कई ड्राइविंग लाइसेंस बनाने वालों पर सरकार लगाम लगाने जा रही है. जल्द ही केंद्र, राज्यों से ड्राइविंग लाइसेंस बनवाते वक्त आधार कार्ड से पहचान करना अनिवार्य करने को कहेगा. नए ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने या पुराने के रिन्यूअल कराने के लिए आधार कार्ड जरूरी होगा। ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं जब ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों ने ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए जाने पर दूसरा ड्राइविंग लाइसेंस बनवा लिया. कुछ मामलों में फर्जी पहचान पत्र के लिए भी गलत तरीके से ड्राइविंग लाइसेंस बनवाए गए. इन चीजों का रखें ध्यान - सरकार ने आधार कार्ड से सभी प्रीपेड और पोस्टपेड दोनों नंबरों को जोड़ने के लिए निर्देश जारी किए हैं. - दूरसंचार विभाग ने सभी दूरसंचार कंपनियों को नोटिस जारी करके कहा है कि देश में मौजूद सभी मोबाइल नंबरों को KYC प्रोसेस के जरिए दोबारा से सत्यापन करवाया जाए. - KYC में आधार कार्ड को भी जोड़ा जाएगा. - दूरसंचार विभाग ने निर्देश दिए हैं कि यदि किसी नंबर का सत्यापन नहीं होता है या फिर आधार नंबर से नहीं जोड़ा जाता है तो वह नंबर 6 फरवरी 2018 के बाद बंद हो जाएगा. - आधार को मोबाइल से लिंक करने का काम उसी स्टोर से हो सकेगा जो प्वाइंट ऑफ सेल (POS) ऑथराइज्ड हैं. - ऑथराइज्ड पीएओस एजेंट या स्टोर ग्राहक का डिटेल बायोमेट्रिक के जरिए लेगें और उसे यूनिक आडेंटिफिकेशन ऑथरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) को भेजेंगे. - अब आधार कार्ड मोबाइल नंबर के लिए भी अनिवार्य हो जाएगा, जिससे फर्जीवाड़े पर लगाम लगाई जा सकेगी. - सरकार आधार कार्ड को सभी जरूरी सेवाओं के लिए अनिवार्य कर रही है. हाल ही में इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य कर दिया गया था.



27-Mar-2017,16:41:06,


मोबाइल नंबर से आधार लिंक करना हुआ अनिवार्य, नहीं तो बंद हो जाएगा आपका मोबाइल नंबर
25-Mar-2017,16:03:30,kulshreshthaworld.com
अब आधार कार्ड से मोबाइल नंबर को भी लिंक कराना होगा, वरना वह बंद हो जाएगा। अब सरकार ने निर्देश जारी किए हैं कि देश के सभी मोबाइल फोन नंबर आधार कार्ड नंबर से जुड़ेंगे। सरकार ने ये निर्देश प्रीपेड और पोस्टपेड दोनों नंबरों के लिए जारी किए हैं। दूरसंचार विभाग ने सभी दूरसंचार कंपनियों को नोटिस जारी करके कहा है कि देश के सभी मोबाइल नंबरों को केवाईसी प्रोसेस के जरिए दोबारा से सत्यापन करवाया जाए, इसमें आधार कार्ड को भी जोड़ा जाएगा। अगर किसी नंबर का सत्यापन नहीं होता है या फिर आधार नंबर से नहीं जुड़ता है तो वह 6 फरवरी 2018 बाद बंद हो जाएगा। दूरसंचार विभाग ने निर्देश सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश के बाद जारी किए हैं, जिसमें कहा गया था कि मोबाइल फोन नंबरों का सत्यापन किया जाए। दूरसंचार विभाग ने ये निर्देश 23 मार्च को जारी किए हैं। निर्देश में कहा गया है कि कोर्ट के आदेश के बाद एक बैठक हुई थी, जिसमें तय किया गया था कि मोबाइल फोन यूजर्स के लिए आधार नंबर अनिवार्य किया जाए। निर्देश में कहा गया है, ‘टेलिकॉम इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों के साथ विभाग ने 13 फरवरी 2017 को एक बैठक हुई थी। इस बैठक में यूआईडीएआई, ट्राई और पीएमओ के प्रतिनिधि भी शामिल थे। इसमें सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अमल के बारे में चर्चा की गई थी।’ निर्देशों में कहा गया है कि टेलिकॉम ऑपरेटर ही अपने यूजर्स को दोबारा से सत्यापन की प्रक्रिया के बारे में बताएंगे। साथ ही कहा गया है कि टेलिकॉम ऑपरेटर्स को ऐसा तरीका निकालना होगा, जिससे दोबारा से सत्यापन की प्रक्रिया में लाइनें ना लगें। सभी कंपनियों को इन निर्देशों का पालन करने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही कहा गया है कि कंपनियां दोबारा से सत्यापन की प्रक्रिया 06 फरवरी 2018 से पहले पूरी कर लें। बता दें, आधार कार्ड अब सरकारी योजनाओं का लुत्फ उठाने के लिए भी जरूरी हो गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अब लगभग 3 दर्जन योजनाओं का लाभ लेने के लिए आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है। मिड डे मील और सर्व शिक्षा अभियान का लाभ लेने के लिए भी आधार कार्ड जरूरी होगा। सरकार के मुताबिक जिनके पास आधार नहीं है वह आगामी 30 जून तक इसे बनवा लें तो फायदेमंद रहेगा।